रिम्स-2 की मामले की सुनवाई पूरी होने तक न हो कोई नगडी में निर्माण कार्य : एनसीएसटी

WhatsApp Channel Join Now
रिम्स-2 की मामले की सुनवाई पूरी होने तक न हो कोई नगडी में निर्माण कार्य : एनसीएसटी


रांची, 06 जुलाई (हि.स.)। राष्ट्रीय अनुसूचित जनजाति आयोग (एनसीएसटी) की सदस्य डॉ आशा लकड़ा ने सोमवार को सर्कुलर रोड स्थित न्यू सर्किट हाउस में कुल 15 मामलों की सुनवाई की। इस दौरान उन्होंने कांके प्रखंड स्थित नगड़ी में 222 एकड़ भूमि पर बनने वाले रिम्स-2 मामले की सुनवाई की। उन्होंने बताया कि सुनवाई के दौरान शिकायतकर्ताओं ने अपना पक्ष रखा। संबंधित अधिकारियों ने रिम्स-2 के लिए अधिगृहित की गई 222 एकड़ भूमि और रैयतों की सूची सौंपी। हालांकि उन्होंने यह जानकारी नहीं दी कि अब तक कितने रैयतों को उनकी अधिगृहित भूमि का मुआवजा राशि भुगतान किया गया। संबंधित विभागीय अधिकारियों को निर्देश दिया गया है कि एक माह के अंदर जिन रैयतों को उनकी अधिगृहित भूमि का मुआवजा राशि का भुगतान कर दिया गया है, उसकी विस्तृत रिपोर्ट आयोग को उपलब्ध कराएं।

साथ ही आयोग की ओर से विभागीय अधिकारियों को सख्त चेतावनी दी गई है कि जब तक इस मामले की सुनवाई आयोग में चल रही है, तब तक अधिगृहित की गई भूमि पर रिम्स-2 से संबंधित किसी प्रकार का निर्माण कार्य नहीं कराया जाए। उन्होंने कहा कि आयोग ने इस मामले को गंभीरता से लिया है। जिस भूमि पर राज्य सरकार की ओर से रिम्स-2 का निर्माण कराने की योजना है, वह उपजाऊ भूमि है। संबंधित जमीन रैयतों के आजीविका का एकमात्र साधन है। इसलिए राज्य सरकार की ओर से किसी बंजर या परती भूमि पर रिम्स-2 का निर्माण कराया जाए।

सिमडेगा, खूंटी, पूर्वी और प. सिंहभूम में भी बेहतर स्वास्थ्य सेवाओं की जरूरत

आशा लकड़ा ने कहा कि राज्य के लोगों के लिए पूर्व से ही रिम्स में स्वास्थ्य सेवा उपलब्ध है। सिमडेगा, खूंटी, पूर्वी और पश्चिमी सिंहभूम में भी बेहतर स्वास्थ्य सेवाओं की आवश्यकता है। इन जिलों के लोग भी बेहतर स्वास्थ्य सुविधा के लिए रिम्स पहुंचते हैं। गुमला, चैनपुर और डुमरी जैसे क्षेत्रों में डॉक्टर और एंबुलेंस सेवा का अभाव है। इसलिए विभिन्न बीमारियों से पीड़ित ग्रामीण बेहतर इलाज के लिए रिम्स पहुंचते है। राज्य सरकार को इन क्षेत्रों में भी बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराई जानी चाहिए। वहीं, बोकारो जिले के वैध कारो में वन विभाग और जिला प्रशासन की ओर से काटे गए लाखों पेड़ से संबंधित मामले की सुनवाई करते हुए उन्होंने कहा कि तत्कालीन सीओ ने भी पेड़ काटने की कार्रवाई को गलत ठहराया था। इसलिए जब तक इस मामले की जांच से संबंधित कार्रवाई पूरी नहीं हो जाती, खनन संबंधी कार्यों पर रोक लगाई जाए।

इसी प्रकार, नामकुम थाना क्षेत्र में शिकायतकर्ता की भूमि पर जबरन कब्जा किए जाने से संबंधित मामले की जांच कर संबंधित अधिकारी को निर्देश दिया गया कि पूर्व में जिस अधिकारी के माध्यम से संबंधित जमीन की रजिस्ट्री की गई, उनके विरुद्ध कार्रवाई की जाए।

---------------

हिन्दुस्थान समाचार / Vinod Pathak

Share this story