एचईसी कर्मियों को नए श्रम कानून से बकाया भुगतान की आस : लालदेव
रांची, 01 अप्रैल (हि.स.)। केंद्र सरकार द्वारा नए श्रम कानून लागू किए जाने के बाद रांची स्थित हेवी इंजीनियर्स कॉरपोरेशन लिमिटेड (एचईसी) के मजदूरों के बीच अपने लंबित बकाया भुगतान को लेकर उम्मीद जगी है। लंबे समय से बकाया राशि का इंतजार कर रहे कर्मियों को अब नए प्रावधानों से राहत मिलने की संभावना दिख रही है।
हटिया कामगार यूनियन (एटक) के उपाध्यक्ष लालदेव सिंह ने बुधवार को जारी प्रेस विज्ञप्ति में बताया कि नए श्रम कानूनों के तहत कई महत्वपूर्ण प्रावधान लागू किए गए हैं। इनमें हर माह की सात तारीख तक वेतन भुगतान, सेवानिवृत्ति के एक माह के भीतर ग्रेच्युटी का भुगतान और इस्तीफा देने पर 48 घंटे के भीतर बकाया राशि चुकाने का नियम शामिल है। साथ ही, एक वर्ष की सेवा पूरी करने पर भी ग्रेच्युटी का प्रावधान किया गया है।
उन्होंने बताया कि नए नियमों के अनुसार ठेका मजदूरों को नियुक्ति के समय ऑफर लेटर देना अनिवार्य कर दिया गया है, जिससे श्रमिकों के अधिकारों की सुरक्षा सुनिश्चित होगी। ऐसे में सवाल उठ रहा है कि वर्ष 2017 से बकाया भुगतान का इंतजार कर रहे एचईसी के सैकड़ों कामगारों को क्या अब उनका हक मिल पाएगा।
लालदेव सिंह ने आरोप लगाया कि एचईसी प्रबंधन भुगतान के लिए संसाधनों की कमी का हवाला देता है, जबकि सरकार की ओर से निगम को अपने संसाधनों से बकाया चुकाने की बात कही जाती रही है। उन्होंने केंद्र और राज्य सरकार से इस मामले में हस्तक्षेप कर बकाया भुगतान के लिए आवश्यक धन उपलब्ध कराने की मांग की।
उन्होंने कहा कि बकाया राशि नहीं मिलने के कारण मजदूर गंभीर आर्थिक संकट का सामना कर रहे हैं और मजबूरी में काम जारी रखे हुए हैं। उन्होंने सरकार से अपील की कि नई श्रम नीति का लाभ एचईसी कर्मियों तक पहुंचाया जाए, ताकि उन्हें बकाया भुगतान के साथ-साथ नियमित रोजगार भी सुनिश्चित हो सके।
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हिन्दुस्थान समाचार / Manoj Kumar

