नियोकोन सम्मेलन में विशेषज्ञ डॉक्टरों को मिली नवजात शिशुओं की देखभाल की जानकारी

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नियोकोन सम्मेलन में विशेषज्ञ डॉक्टरों को मिली नवजात शिशुओं की देखभाल की जानकारी


रांची, 17 अप्रैल (हि.स.)। नेशनल नियोनेटोलॉजी फोरम झारखंड के तत्वावधान में शुक्रवार को रिम्स में आयोजित झारखंड नियोकोन 2026 सम्मेलन के पहले दिन तीन महत्वपूर्ण कार्यशालाओं का आयोजन किया गया। इन कार्यशालाओं में नवजात शिशुओं की देखभाल से जुड़े विभिन्न पहलुओं पर विशेषज्ञों ने गहन और व्यावहारिक प्रशिक्षण दिया, जिससे प्रतिभागियों को नवीनतम चिकित्सा पद्धतियों की जानकारी मिली।

पहली कार्यशाला प्रीमैच्योर केयर और न्यूट्रिशन पर केंद्रित रही। इसमें समय से पहले जन्मे नवजात शिशुओं की देखभाल जन्म के तुरंत बाद से लेकर डिस्चार्ज तक कैसे की जाए, इस पर विस्तार से चर्चा की गई। इस सत्र में डॉ प्रदीप कुमार देबता (सफदरजंग अस्पताल, नई दिल्ली), डॉ प्रतिमा आनंद (लेडी हार्डिंग मेडिकल कॉलेज, नई दिल्ली), डॉnभावेश कांत (एम्स पटना), डॉ जगदीश प्रसाद साहू (एम्स भुवनेश्वर) एवं डॉ अविनाश कुमार (गीतांजलि मेडिकल कॉलेज, जयपुर) ने अपने अनुभव साझा किए।

दूसरी कार्यशाला में समय से पहले जन्मे शिशुओं के लिए नर्सरी में मां के गर्भ जैसा वातावरण तैयार करने की तकनीकों पर प्रकाश डाला गया। विशेषज्ञों ने बताया कि इस प्रकार का वातावरण शिशुओं के समुचित विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। इस सत्र में डॉ शुभम रॉय, डॉ शिप्रा कमल (रांची), डॉ अपेक्षा पाठक, डॉ सौरभ कुमार (एम्स पटना), डॉ रवि शेखर सिंह एवं डॉ श्यामल कुमार ने विस्तार से जानकारी दी।

तीसरी कार्यशाला रानी अस्पताल में रेस्पिरेटरी केयर पर आयोजित की गई, जिसमें नवजात शिशुओं में सांस लेने में होने वाली समस्याओं के समाधान और विभिन्न श्वसन सहायता विधियों के उपयोग पर प्रशिक्षण दिया गया।

इस सत्र में डॉ कुमार अंकुर, डॉ हेमंत शर्मा (दिल्ली), डॉ जानकी बल्लभ (मणिपाल हॉस्पिटल, भुवनेश्वर) एवं डॉ राजेश कुमार (रानी अस्पताल) ने भाग लिया।

तीनों कार्यशालाओं ने प्रतिभागियों को नवजात शिशु देखभाल के क्षेत्र में महत्वपूर्ण, व्यावहारिक और उपयोगी जानकारी दी।

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हिन्दुस्थान समाचार / Manoj Kumar

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