मोक्ष ही जीवन का अंतिम सत्य और आत्मा का सर्वोच्च उत्सव : मुनीश्री
रांची, 06 अप्रैल (हि.स.)। राजधानी रांची में आयोजित पंचकल्याणक प्रतिष्ठा महोत्सव के छठे और अंतिम दिन सोमवार को मोक्ष कल्याणक की पावन वेला में मुनिश्री 108 प्रमाण सागर जी महाराज ने आत्मा की परम सिद्धि पर आधारित प्रेरणादायी व्याख्यान दिया।
उन्होंने कहा कि जब कोई बड़ा लक्ष्य लेकर निकलते हैं और इसकी पूर्णता होती है तो एक अलग प्रकार के आनंद की अनुभूति होती है।
उन्होंने कहा कि मुझे लग रहा है कि आप लोगों को भी ऐसी ही अनुभूति हो रही है, लेकिन मुझे आपकी आनंद अनुभूति अल्पकालिन लग रही है, क्योंकि हमारे लक्ष्य रोज बदल जाते हैं। हम एक लक्ष्य को पूर्ण करते हैं और दूसरा सामने आ जाता है। मुनीश्री ने कहा कि खाने का तात्पर्य है कि संसार की जितनी भी उपलब्धियां हैं वह संतुष्टि देता है। ये सभी अल्पकालिक होती हैं। आज भगवान सिद्ध अवस्था को प्राप्त हुए उनके जीवन के चरम लक्ष्य की उपलब्धि थी, इसके बाद और कुछ नहीं हैं। मोक्ष कोई दूर की मंज़िल नहीं, बल्कि भीतर के विकार-रहित अवस्था है।
पंचकल्याणक का क्रम आत्मा की विकास यात्रा को समझाने वाला दर्पण
उन्होंने कहा कि जब राग-द्वेष की ज्वाला शांत होती है, तभी आत्मा में सिद्धत्व का प्रकाश प्रस्फुटित होता है। सिद्ध यानी जिन्होंने अपने करने योग्य सब काम को कर लिया वह सिद्ध हैं, अब वे कृतार्थ हो चुके हैं।
महाराजश्री ने बताया कि पंचकल्याणक का क्रम आत्मा की विकास यात्रा को समझाने वाला दर्पण गर्भ, जन्म, दीक्षा, ज्ञान और अंततः मोक्ष है। उन्होंने श्रद्धालुओं को संदेश दिया कि मोक्ष की प्राप्ति संभव है जब मनुष्य अपने भीतर संयम, समता और स्वच्छ चर्या का निरंतर अभ्यास करे। मुनिश्री ने कहा कि मोक्ष कल्याणक केवल अनुष्ठान नहीं, बल्कि आत्मचिंतन का अवसर है। यदि हम अपने जीवन से अहंकार, क्रोध और लोभ को निकाल दें, तो मोक्ष का मार्ग यहीं से खुलना शुरू हो जाता है।
मुनीश्री ने कराया शांति-स्नात्र और मोक्ष कल्याणक विधान
छठे दिन के अनुष्ठानों में शांति-स्नात्र, मोक्ष कल्याणक विधान, भक्तामर एवं भगवान आदिनाथ के मोक्ष की कथा का भावपूर्ण वाचन हुआ। सभा स्थल पर रांची की महापौर रोशनी खलखो ने मुनिश्री से आशीर्वाद लिया। पूरी कमिटी के लोगों को मुनिश्री ने सानंद प्रतिष्ठा पूर्ण होने पर आशीर्वाद दिया और अच्छी व्यवस्था पर बधाई दी।
इस अवसर पर उपस्थित श्रद्धालुओं ने संयम, सदाचार एवं अहिंसा के मार्ग पर चलने का संकल्प लिया। रेखा पांड्या ने महापौर महोदया का प्रतीक चिह्न देकर स्वागत किया।
मंत्री जीतेंद्र छाबड़ा ने सभी को सहयोग के लिए आभार प्रकट किया। वहीं अध्यक्ष प्रदीप बाकलीवाल ने उपस्थित मीडिया के लोग, प्रशासनिक अधिकारी और कर्मचारियों का भी आभार प्रकट किया। यह जानकारी मीडिया प्रभारी राकेश काशलीवाल ने दी।
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हिन्दुस्थान समाचार / Vinod Pathak

