अस्पताल में मिक्सर चालक की संदिग्ध मौत, जांच पर उठे सवाल
गोड्डा, 04 अगस्त (हि.स.)। जिले के महागामा प्रखंड अंतर्गत महुवारा में निर्माणाधीन 300 बेड सुपर स्पेशियलिटी अस्पताल में मिक्सर चालक विनोद कुमार महतो (28) की संदिग्ध परिस्थितियों में हुई मौत के मामले में अब तक स्पष्ट कारण सामने नहीं आ पाया है। पुलिस पोस्टमार्टम रिपोर्ट का इंतजार कर रही है, ताकि घटना की निष्पक्ष जांच सुनिश्चित की जा सके।
घटना के बाद मामले की लीपापोती की आशंकाओं को लेकर स्थानीय स्तर पर चर्चा तेज है। लोगों का आरोप है कि जिला प्रशासन ने तकनीकी टीम से जांच कराने और अस्पताल निर्माण कार्य को अगले आदेश तक बंद रखने का निर्देश दिया था, लेकिन बिना जांच पूरी हुए ही निर्माण एजेंसी की ओर से कार्य पुनः शुरू कर दिया गया, जिससे कई सवाल खड़े हो रहे हैं।
घटना के बाद महागामा रेफरल अस्पताल पहुंचे कांग्रेस के जिला अध्यक्ष याहिया सिद्दीकी ने निर्माण एजेंसी पर लापरवाही का आरोप लगाते हुए निष्पक्ष जांच की मांग की थी, ताकि मृतक को न्याय मिल सके। हालांकि, स्थानीय लोगों का कहना है कि मामला धीरे-धीरे ठंडे बस्ते में चला गया है, जिससे लोगों में आक्रोश व्याप्त है।
स्थानीय निवासियों ने यह भी आरोप लगाया कि निर्माण कार्य में बाहरी मजदूरों को प्राथमिकता दी जा रही है, जबकि स्थानीय लोग रोजगार के अभाव में अन्य राज्यों में मजदूरी करने को विवश हैं। लोगों ने यह भी बताया कि इससे पहले भी एक मजदूर की मौत हुई थी, जिसे दिल का दौरा पड़ने का मामला बताया गया था।
प्रारंभिक जांच में यह बात सामने आई है कि निर्माण स्थल पर सुरक्षा मानकों की अनदेखी की जा रही थी। श्रमिकों को पर्याप्त सुरक्षा किट उपलब्ध नहीं कराए गए थे और जो उपलब्ध थे, उनका भी समुचित उपयोग नहीं हो रहा था। ऐसे में बिना सुरक्षा उपायों के ऊंचाई पर कार्य करना गंभीर लापरवाही माना जा रहा है।
घटना के बाद जांच के लिए पहुंचे अनुमंडल पदाधिकारी आलोक वरण केसरी, अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी वरुण रजक, अंचलाधिकारी डॉ खगेन महतो, प्रखंड विकास पदाधिकारी सोनाराम हांसदा, पुलिस निरीक्षक उमेश महतो और थाना प्रभारी मनोज कुमार पाल को स्थल पर पर्याप्त जानकारी देने वाला कोई जिम्मेदार व्यक्ति नहीं मिला, जिससे जांच में कठिनाई उत्पन्न हुई।
बताया जाता है कि 31 जुलाई को बोकारो जिले के गोमिया थाना क्षेत्र अंतर्गत डुमरी बिहार गांव निवासी विनोद कुमार महतो की मौत हो गई थी। प्रारंभिक जानकारी में श्रमिकों ने ऊंचाई से गिरने की आशंका जताई थी, लेकिन घटनास्थल की स्थिति इससे मेल नहीं खाती। विशेषज्ञों का कहना है कि मिक्सर वाहन के संचालन के लिए चालक को वाहन के ऊपर जाने की आवश्यकता नहीं होती, जिससे गिरने की संभावना संदिग्ध प्रतीत होती है।
सूत्रों के अनुसार, घटना के समय सभी मजदूर दोपहर का भोजन कर रहे थे। इसी दौरान विनोद ने मिक्सर वाहन देखने की बात कही और कुछ देर बाद वह लहूलुहान अवस्था में पाया गया। उन्हें महागामा रेफरल अस्पताल ले जाया गया, जहां चिकित्सकों ने मृत घोषित कर दिया। आरोप है कि घायल को अस्पताल लाने में भी देरी हुई।
मृतक के परिजनों की ओर से दिए गए बयान में भी विरोधाभास सामने आया है। परिजनों के अनुसार, विनोद की शादी लगभग आठ माह पूर्व हुई थी। इस घटना से परिवार में शोक की लहर है।
पुलिस पूरे मामले की जांच में जुटी है और पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही मौत के वास्तविक कारणों का खुलासा होने की उम्मीद जताई जा रही है।
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हिन्दुस्थान समाचार / रंजीत कुमार

