मंत्री ने 76 मेडिकल ऑफिसरों को सौंपा नियुक्ति पत्र, खून की कमी के लिए जारी हाेगा टोल फ्री नंबर

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मंत्री ने 76 मेडिकल ऑफिसरों को सौंपा नियुक्ति पत्र, खून की कमी के लिए जारी हाेगा टोल फ्री नंबर


रांची, 24 मार्च (हि.स.)। स्वास्थ्य मंत्री इरफान अंसारी ने राष्ट्रीय यक्ष्मा (टीबी) दिवस के अवसर पर नामकुम स्थित आईपीएच सभागार में आयोजित कार्यक्रम में मंगलवार को 76 मेडिकल ऑफिसरों को नियुक्ति पत्र सौंपा।

इस मौके पर उन्होंने साल 2029 तक झारखंड को टीबी मुक्त राज्य बनाने की बात कही। साथ ही उन्होंने कहा कि खून की कमी से जूझ रहे मरीजों के लिए जल्द ही टोल फ्री नंबर जारी की जाएगी। मंत्री ने कहा कि इस नंबर के माध्यम से रक्त उपलब्ध कराने की व्यवस्था होगी। उन्होंने कहा कि अप्रैल तक सभी मेडिकल कॉलेजों और सदर अस्पतालों में सीटी स्कैन और एमआरआई की सुविधा उपलब्ध कराने का लक्ष्य रखा गया है, जिससे मरीजों को अत्याधुनिक इलाज की सुविधा मिल सकेगी। टीबी उन्मूलन को लेकर मंत्री ने कहा कि हमारा लक्ष्य सिर्फ इलाज नहीं, बल्कि टीबी को जड़ से खत्म करना है।

मौके पर मंत्री ने टीबी उन्मूलन में उत्कृष्ट योगदान देने वाले टीबी चैंपियंस, सहियाओं और एनजीओ को प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित किया। साथ ही राज्य के सभी जिलों के लिए टीबी जागरूकता रथ को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया, जो गांव-गांव जाकर लोगों को जागरूक करेगा।

इरफान अंसारी ने कहा कि राज्य सरकार स्वास्थ्य सेवाओं को मजबूत करने के लिए निरंतर प्रतिबद्ध है। झारखंड में नए मेडिकल कॉलेजों की स्थापना तेजी से हो रही है। ब्रांबे में मेडिकल यूनिवर्सिटी की स्थापना की प्रक्रिया भी अंतिम चरण में है। इसके लिए कुलपति की नियुक्ति की जा चुकी है।

वहीं मौके पर अपर मुख्य सचिव अजय कुमार सिंह ने कहा कि वर्ष 2025 में टीबी के क्षेत्र में लगभग 9.5 लाख लोगों की जांच की गई थी, जबकि वर्ष 2026 में 12 लाख जांच का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। उन्होंने कहा कि डॉक्टरों की संख्या में वृद्धि और आधुनिक मशीनों की उपलब्धता से इस लक्ष्य को आसानी से प्राप्त किया जा सकेगा।

उन्होंने बताया कि डॉक्टरों ने अपनी पसंद के अनुसार स्थान का चयन किया है, इसलिए नियुक्ति के बाद स्थानांतरण नहीं किया जाएगा।

इससे पहले एनएचएम के अभियान निदेशक शशि प्रकाश झा ने बताया कि राज्य में 100 दिवसीय टीबी जागरूकता अभियान चलाया जाएगा, जिसके तहत मरीजों की मेडिकल जांच, पहचान, उपचार और पोषण राशि के भुगतान पर विशेष जोर दिया जाएगा।

कार्यक्रम में अपर मुख्य सचिव अजय कुमार सिंह, एनएचएम के अभियान निदेशक शशि प्रकाश झा, डीआईसी डॉ सिद्धार्थ सान्याल, स्टेट मलेरिया पदाधिकारी डॉ कमलेश सहित बड़ी संख्या में डॉक्टर, नव-नियुक्त चिकित्सा पदाधिकारी, सहिया और स्वास्थ्य कर्मी मौजूद थे।

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हिन्दुस्थान समाचार / Manoj Kumar

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