मध्यस्थ की मध्यस्थता से बचा एक घर बिखरने से
रांची, 22 अप्रैल (हि.स.)। मध्यस्थता केंद्र, रांची में मध्यस्थता के माध्यम से मामला संख्या ओएम 574/2025 को अधिवक्ता मध्यस्थ निलम शेखर और दोनों पक्षों के अधिवक्ता अपराजिता मिश्रा एवं प्रकाश रंजन की सुझबूझ से दो बैठक में समझौता संपन्न हुआ।
इस प्रकार एक घर बिखरने से बच गया।
मामले में दोनों पति-पत्नी एक वर्ष से अलग- अलग रह रहे थे। इनकी एक पांच वर्षीय बेटी है, जो मां के साथ नानी के घर में रह रही थी। पत्नी ने पति के विरूद्ध न्यायालय में मामला दायर किया था और पति की ओर से आरा के न्यायालय में तलाक के लिए मुकदमा दायर किया गया था। लेकिन मध्यस्थ नीलम शेखर की सुझबुझ और अथक प्रयास से मध्यस्थता के दौरान सारा मामला समाप्त करते हुए वैवाहिक जीवन पुनर्स्थापित हुआ।
उल्लेखनीय है कि इस मामले में मध्यस्थता के लिए मध्यस्थता केंद्र में भेजा गया था, जिसमें दो बैठकें आयोजित की गईं, जिसमें काफी विस्ताकर से बातचीत हुई। इसके बाद वादी-प्रतिवादी स्वेच्छा से राजी हुए कि एक साथ मिलजुल रहेंगे और भविष्य में विवाद नहीं करेंगे।
इस मामले को सुलझाने में अधिवक्ता मध्यस्थ निलम शेखर और अधिवक्ता अपराजिता मिश्रा एवं प्रकाश रंजन का महत्वपूर्ण योगदान रहा। यह जानकारी रांची जिला विधिक सेवा प्राधिकार की ओर से बुधवार को प्रेस विज्ञप्ति जारी कर दी गई।
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हिन्दुस्थान समाचार / Vinod Pathak

