महुआ सिर्फ वन फसल नहीं, ग्रामीण अर्थव्यवस्था का है आधार : डीसी
रामगढ़, 15 अप्रैल (हि.स.)। डीसी फैज अक अहमद मुमताज ने बुधवार को मांडू प्रखंड अंतर्गत पुण्डी पंचायत के भुताही गांव का दौरा किया। इस दौरान उन्होंने महिलाओं के लिए आयोजित महुआ संग्रहण (कलेक्शन) प्रशिक्षण कार्यक्रम में भाग लिया और लाभुकों को प्रोत्साहित किया।
कार्यक्रम के दौरान महिलाओं को महुआ संग्रहण की उन्नत तकनीकों के बारे में विस्तृत जानकारी दी गई। प्रशिक्षण में विशेष रूप से पिकअप तकनीक पर जोर दिया गया, जिससे महुआ संग्रहण में समय की बचत हो तथा उत्पाद की गुणवत्ता बेहतर बनी रहे। विशेषज्ञों ने बताया कि वैज्ञानिक तरीके से संग्रहण और प्रसंस्करण करने पर महुआ को बाजार में बेहतर मूल्य मिल सकता है, जिससे महिलाओं की आय में उल्लेखनीय वृद्धि संभव है। महिलाओं को महुआ के सुरक्षित भंडारण एवं सही तरीके से सुखाने की विधियों का भी प्रशिक्षण दिया गया। ताकि उत्पाद की गुणवत्ता लंबे समय तक बरकरार रखी जा सके।
इस अवसर पर डीसी ने कहा कि झारखंड में महुआ केवल एक वन उपज नहीं, बल्कि ग्रामीण अर्थव्यवस्था का एक महत्वपूर्ण आधार है। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने के लिए लगातार प्रयासरत है और ऐसे प्रशिक्षण कार्यक्रम उनके आर्थिक सशक्तिकरण की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम हैं।
डीसी ने कहा कि यदि वे प्रशिक्षण में सीखी गई तकनीकों का नियमित रूप से उपयोग करें, तो वे अपनी आय को दोगुना तक बढ़ा सकती हैं। उन्होंने यह भी कहा कि जिला प्रशासन महिलाओं के उत्पादों को बाजार से जोड़ने तथा उन्हें उचित मूल्य दिलाने के लिए हरसंभव सहयोग करेगा।
कार्यक्रम के दौरान डीसी ने लाभुकों के बीच चेक का वितरण भी किया गया। उन्होंने लाभुकों से बात कर उनकी समस्याओं और सुझावों को भी सुना और संबंधित अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिया।
इस अवसर पर किरण शंकर दत्त (परियोजना प्रभारी, अग्रगति संस्था), रूपेश ठाकुर (जिला समन्वयक), श्याम सुंदर महतो, मोहम्मद बिलाल अंसारी, गौतम कुमार शर्मा (ब्लॉक कोऑर्डिनेटर), अनिशा सरकार, शुभम, शरद, अभिनव मिश्रा, चंद्रशेखर तिवारी सहित अन्य गणमान्य व्यक्ति उपस्थित थे।
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हिन्दुस्थान समाचार / अमितेश प्रकाश

