झारखंड स्टेट फार्मेसी काउंसिल में कथित भ्रष्टाचार की स्वतंत्र जांच की मांग, बाबूलाल मरांडी ने मुख्यमंत्री को लिखा पत्र

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झारखंड स्टेट फार्मेसी काउंसिल में कथित भ्रष्टाचार की स्वतंत्र जांच की मांग, बाबूलाल मरांडी ने मुख्यमंत्री को लिखा पत्र


रांची, 24 अगस्त (हि.स.)। झारखंड विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष बाबूलाल मरांडी ने मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन को पत्र लिखकर झारखंड स्टेट फार्मेसी काउंसिल में कथित भ्रष्टाचार के आरोपों की स्वतंत्र और निष्पक्ष जांच कराने की मांग की है। उन्होंने पूरे प्रकरण की सीबीआई जांच अथवा उच्च न्यायालय के वर्तमान न्यायाधीश की निगरानी में जांच कराने का आग्रह किया है।

मरांडी ने पत्र में पिछले दस वर्षों के दौरान काउंसिल की ओर से जारी सभी अनापत्ति प्रमाण पत्र (एनओसी), मान्यताओं, सीट आवंटन और डिग्रियों का व्यापक ऑडिट कराने की मांग की। उन्होंने कहा कि जांच के दायरे में संबंधित मंत्री, अधिकारियों, काउंसिल के पदाधिकारियों और कथित बिचौलियों की भूमिका भी शामिल की जानी चाहिए।

नेता प्रतिपक्ष ने आरोप लगाया कि पिछले करीब एक दशक में झारखंड में फार्मेसी कॉलेजों की संख्या तीन से बढ़कर करीब 150 हो गई। आरोप है कि कई संस्थानों को आवश्यक मानकों और संसाधनों की उपलब्धता के बिना एनओसी प्रदान की गई तथा प्रति कॉलेज करीब 30 लाख रुपये तक की अवैध वसूली किए जाने की बात सामने आई है।

मरांडी ने कहा कि पूरे तंत्र में करीब 800 करोड़ रुपये के कथित सिंडिकेट की बात सामने आ रही है। कई कॉलेजों की बाद में मान्यता रद्द किए जाने का उल्लेख करते हुए उन्होंने कहा कि इससे मामले की गंभीरता और बढ़ जाती है। उन्होंने सवाल उठाया कि यदि इतने बड़े स्तर पर वर्षों तक कथित अनियमितताएं होती रहीं, तो सरकार, संबंधित विभाग, मंत्री, अधिकारी और काउंसिल के पदाधिकारी इससे अनभिज्ञ कैसे रहे।

मरांडी ने कहा कि यह केवल कथित भ्रष्टाचार का मामला नहीं है, बल्कि इससे हजारों विद्यार्थियों के भविष्य और राज्य की स्वास्थ्य व्यवस्था की गुणवत्ता पर सीधा असर पड़ सकता है। उन्होंने सरकार से दोषियों की भूमिका की निष्पक्ष जांच कराकर प्रभावशाली लोगों के खिलाफ भी कठोर कार्रवाई सुनिश्चित करने की मांग की। उन्होंने कहा कि जांच के दौरान निर्दोष विद्यार्थियों के हितों की रक्षा की जानी चाहिए और पूरे मामले की सच्चाई सामने लाई जानी चाहिए।-----------

हिन्दुस्थान समाचार / विकाश कुमार पांडे

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