साहित्य समाज की धारा को पवित्र करने की रखती है क्षमता : डॉ रजनी

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साहित्य समाज की धारा को पवित्र करने की रखती है क्षमता : डॉ रजनी


रांची, 02 जून (हि.स.)। स्वर्णिम कला कुंज एवं साहित्योदय मंच के संयुक्त तत्वावधान में काव्य गोष्ठी का आयोजन वाईबीएन स्कूल, धुर्वा मंगलवार को हुआ।

कार्यक्रम में मंच संस्थापक डॉ रजनी शर्मा चंदा ने अतिथि साहित्यकारों का स्वागत किया। कार्यक्रम की अध्यक्षता सुरिन्दर कौर नीलम ने किया। मंच पर रेनू झा रेणुका, राकेश रमण रार, नेहाल हुसैन सरैयावी, रिंकू बनर्जी मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित थे।

दीप प्रज्वलन के बाद सुमधुर सरस्वती वंदना रिंकू बनर्जी ने प्रस्तुत किया। मंत्रोच्चारण रेनू झा रेणुका ने किया। वहीं सचिन शर्मा ने कार्यक्रम का शुभारंभ कृष्ण भजन से किया जिसे सुनकर उपस्थित सभी श्रोता भाव विभोर हो गए। कार्यक्रम का संचालन पुष्पा सहाय गिन्नी और रुचिका रुद्राणी ने किया।

विशेष अतिथि रामजी यादव ने उपस्थित सभी साहित्यकारों को साहित्य के इस समागम के लिए बधाई दी। वहीं इस दौरान आस्था शर्मा, रंजना वर्मा उन्मुक्त, रेनू बाला धार, डॉ आशीष प्रसाद, राजेश कुमार, सीमा सिन्हा मैत्री, मधुमिता साहा, रंगोली सिन्हा, सरोज गर्ग रत्न प्रभा, खुशबू बरनवाल सीपी, निर्मला सिंह, ऋतुराज वर्षा सहित अन्या ने काव्य पाठ किया।

इस दौरान अमन कुमार, चंदन कुमार ने सुमधुर गीतों की प्रस्तुति दी।

इधर, स्वर्णिम कला कुंज की संस्थापक और साहित्योदय मंच की रांची प्रभारी डॉ रजनी शर्मा चंदा ने कहा कि साहित्य समाज की धारा को पवित्र करने की क्षमता रखती है। अतः साहित्य सेवा के प्रति सजगता को अधिक से अधिक बढ़ावा देना चाहिए। उन्होंने युवाओं को कला, सृजन, संस्कृति और साहित्य के प्रति अपनी रुचि को जागृत करने के लिए आह्वान किया।

मौके पर रश्मि शर्मा, लक्ष्मी शर्मा, संगीता शर्मा सहित कई साहित्य प्रेमी उपस्थित थे।

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हिन्दुस्थान समाचार / Vinod Pathak

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