बाबूलाल ने की टेंडर में गड़बड़ी करने वाले सूचना तकनीकी विभाग के अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग
थानों में सीसीटीवी लगाने का टेंडर रद्द करना काफी नहीं, जिम्मेदार पर कार्रवाई करें: बाबूलाल
रांची, 07 मई (हि.स.)। नेता प्रतिपक्ष बाबूलाल मरांडी ने मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन को पत्र लिख कर सूचना तकनीकी विभाग के अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है। मरांडी ने पत्र में लिखा है कि थानों में सीसीटीवी (सीसीटीवी) लगाने से संबंधित टेंडर में गड़बड़ी करने, खास कंपनी को ध्यान में रख कर शर्तें तय करने की वजह से टेंडर रद्द तो कर दिया गया है। लेकिन यह काफी नहीं है। जिम्मेदार अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई होनी चाहिए।
मरांडी ने गुरुवार को विभाग की सचिव पूजा सिंघल पर कटाक्ष करते हुए कहा है कि वह जिस विभाग में रहेंगी, वहां उम्मीद ही क्या की जा सकती है। उन्होंने टेंडर में कुल सात कमियों के बारे में पत्र में उल्लेख किया है।
पत्र के प्रमुख बिंदु
- आरईपी के संशोधन के पृष्ठ 07 में रिकॉर्डिंग की अवधि 720P (1एमपी) रेजोल्यूशन पर 12 महीने बताई गई है, जबकि आरईपी में मांगा गया कैमरा 2एमपी का है। यह पुलिस थानों में सीसीटीवी स्थापना के लिए उच्चतम न्यायालय के दिशा निर्देशों का उल्लंघन है।
- पृष्ठ 36 और 37 के बिंदु 10 और 11 में बोलीदाता की पात्रता के लिए कमांड एंड कंट्रोल सेंटर के साथ वीएमएस इंटीग्रेशन वाले आईपी सीसीटीवी कार्य के आंशिक पूर्णता का अनुभव मांगा गया है, जबकि टेंडर का दायरा विकेन्द्रीकृत सीसीटीवी स्थापना का है, जिसमें कमांड एंड कंट्रोल सेंटर शामिल नहीं है।
- पृष्ठ 99 पर सीसीटीवी कैमरा ओईएम के मानदंड इस प्रकार बनाए गए हैं कि केवल 02 ओईएम ही योग्य हो सकते हैं।
- पृष्ठ 100 पर यूपीएक ओईएम के मानदंड में मुख्य उपकरण (कैमरा) के लिए केवल 05 वर्षों का अनुभव मांगा गया है, जबकि यूपीएस के लिए न्यूनतम 10 वर्षों का अनुभव और अत्यधिक उच्च टर्नओवर मांगा गया है। सीसीटीवी के लिए ऐसा कोई टर्न ओवर मानदंड नहीं है। यूपीएस के लिए विशिष्ट निदेशकों का उल्लेख किया गया है, जबकि सीसीटीवी के लिए एमईआईटीवाई साइबर सुरक्षा नियमों के अंतर्गत चीनी जेवी कंपनी में समान निदेशक वाले ओईएम को भी योग्य माना गया है।
- पृष्ठ 106 से 108 तक दिए गए एनवीआर विनिर्देश सीसीटीवी ओईएम मानदंडों के साथ मिलकर एक ही ओईएम को लाभ पहुंचाते प्रतीत होते हैं।
-24 पोर्ट पीओई मनागेड स्वीच के लिए भी कई प्रमाणपत्रों और टेस्ट रिपोर्ट्स की मांग की गई है, जो टेंडर प्रकाशित होने और बोली जमा करने के समय ही आवश्यक हैं, जबकि महत्वपूर्ण एसटीक्यूसी रिपोर्ट जैसे प्रमाणपत्र कैमरों के लिए केवल घोषणा के रूप में स्वीकार किए गए हैं। इससे भी एक ही ओईएम को लाभ मिलता है।
-समग्र रूप से यह टेंडर कुछ विशेष ओईएमएस और बोलीदाताओं को गलत तरीके से लाभ पहुंचाने के उद्देश्य से बनाया गया है, ऐसा प्रतीत होता है।
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हिन्दुस्थान समाचार / विकाश कुमार पांडे

