भू-अर्जन कार्यालय की समीक्षा में डीसी ने योजनाओं को गति देने का दिया निर्देश

WhatsApp Channel Join Now
भू-अर्जन कार्यालय की समीक्षा में डीसी ने योजनाओं को गति देने का दिया निर्देश


रामगढ़, 24 अगस्त (हि.स.)। जिला समाहरणालय के सभागार में डीसी ऋतुराज की अध्यक्षता में जिला भू-अर्जन कार्यालय के कार्यों की विस्तृत समीक्षा बैठक हुई। इस दौरान बैठक में एनएचएआई, भारतमाला परियोजना, चुटूपालू घाटी, बरलांगा-कसमार, ललकीघाटी और एनएच-33 (मांडू) क्षेत्र से संबंधित भूमि अधिग्रहण, वंशावली सत्यापन एवं रैयतों के लंबित मुआवजा भुगतान की अद्यतन स्थिति की बिंदुवार समीक्षा की गई।

समीक्षा के दौरान डीसी ऋतुराज ने प्रभावित रैयतों के लंबित मुआवजा भुगतान का त्वरित निष्पादन सुनिश्चित करने के लिए संबंधित क्षेत्रों में विशेष कैंप आयोजित करने का निर्देश दिया। उन्होंने कहा कि कैंप के माध्यम से रैयतों की समस्याओं का मौके पर ही समाधान करते हुए उन्हें उनके अधिकार का लाभ शीघ्र उपलब्ध कराया जाए। उन्होंने रैयतों की वंशावली, भू-स्वामित्व प्रमाण-पत्र सहित अन्य आवश्यक दस्तावेजों का मौके पर सत्यापन करने तथा प्रक्रिया पूरी होने के बाद मुआवजा राशि सीधे बैंक खातों में भुगतान सुनिश्चित करने का निर्देश दिया।

डीसी ने चुटूपालू घाटी एवं ललकीघाटी में सड़क सुरक्षा और चौड़ीकरण, एनएच-33 (मांडू), बरलांगा-कसमार एवं भारतमाला परियोजनाओं से संबंधित भू-अर्जन की बाधाओं एवं सीमांकन विवादों का अविलंब समाधान करने को कहा।

उन्होंने पथ निर्माण विभाग और संबंधित कार्यकारी एजेंसियों को निर्देश दिया कि भू-अर्जन की प्रक्रिया पूरी होते ही निर्माण कार्यों में तेजी लाई जाए और सभी परियोजनाओं को निर्धारित समय-सीमा के भीतर गुणवत्तापूर्ण तरीके से पूर्ण किया जाए।

डीसी ऋतुराज ने कहा कि विकास परियोजनाओं को गति देना तथा प्रभावित रैयतों को समय पर उचित मुआवजा एवं अन्य लाभ उपलब्ध कराना जिला प्रशासन की प्राथमिकता है। भू-अर्जन प्रक्रिया एवं मुआवजा भुगतान में अनावश्यक विलंब करने वाले अधिकारियों एवं कर्मियों की जिम्मेदारी तय करते हुए आवश्यक कार्रवाई की जाएगी।

बैठक में जिला भू-अर्जन पदाधिकारी, पथ निर्माण विभाग और एनएचएआई के प्रतिनिधि, संबंधित अंचलाधिकारी एवं भू-अर्जन शाखा के कर्मी उपस्थित थे।

---------------

हिन्दुस्थान समाचार / अमितेश प्रकाश

Share this story