करम डाली के विसर्जन के साथ रांची में दो दिवसीय करम पूजा संपन्न
रांची, 23 सितंबर (हि.स.)। राजधानी रांची में दो दिवसीय करम पूजा बुधवार को करम डाली के नदी-तालाब में विसर्जन के साथ संपन्न हो गई। बहनों ने पारंपरिक रीति-रिवाज के साथ करम डाली को विदाई दी। इस दौरान शहर के विभिन्न मोहल्लों में पूजा और उत्सव का माहौल रहा।
इससे पहले अखड़ा में मांदर, ढोल-नगाड़े और अन्य पारंपरिक वाद्ययंत्रों की थाप पर नाचते-गाते करम डाली को मोहल्ले के आंगन तक लाया गया। करम गीतों पर बच्चे, युवा और बुजुर्ग झूमते नजर आए।
पाहन ने विधि-विधान के साथ करम देवता की पूजा-अर्चना कर परिवार और समाज में सुख-शांति, समृद्धि और खुशहाली की कामना की। करम डाली के मोहल्ले के आंगन में पहुंचने के बाद महिलाओं ने पारंपरिक विधि से कांसा-लोटा में जल लेकर अर्पित किया। इसके बाद करम डाली पर टीका-सिंदूर लगाया गया और अरवा चावल से चुमाया गया।
पूजा के दौरान थाली में एकत्र जल को घर की छत पर फेंका गया। छत से टपककर नीचे आए जल को महिलाओं ने अपनी साड़ी के आंचल में ग्रहण किया। मान्यता है कि इस जल को आंचल में लेने से घर में सकारात्मक ऊर्जा बनी रहती है और परिवार में सुख-समृद्धि आती है।
पूजा के समापन पर करम देवता से घर-परिवार में सुख, शांति और समृद्धि की कामना की गई। इसके बाद श्रद्धा और पारंपरिक रीति-रिवाज के साथ करम डाली का नदी-तालाब में विसर्जन किया गया।---------------
हिन्दुस्थान समाचार / विकाश कुमार पांडे

