जेएसएससी सीजीएल अभ्यर्थियों ने निकाली तिरंगा यात्रा, की पुर्नबहाली की मांग
रांची, 20 अगस्त (हि.स.)। जेएसएससी और सीजीएल के चयनित अभ्यर्थियों ने अपनी मांगों को लेकर गुरुवार को माेरहाबादी से अल्बर्ट एक्का चाैक तक तिरंगा यात्रा निकाल कर राज्य सरकार से पुर्नबहाली की मांग की।
हाथों में तिरंगा लेकर बड़ी संख्या में अभ्यर्थी सड़कों पर उतरे और सरकार से उनके भविष्य को लेकर स्पष्ट और स्थायी निर्णय लेने की मांग की। अभ्यर्थियों ने कहा कि वे लोकतांत्रिक और शांतिपूर्ण तरीके से अपना आंदोलन जारी रखेंगे।
वहीं सफल अभ्यर्थियों ने उच्च न्यायालय के फैसले का स्वागत करते हुए कहा कि उन्हें न्यायालय पर भरोसा था। हालांकि, उनकी उम्मीद थी कि मामले की सीबीआई जांच करायी जाएगी। अभ्यर्थियों ने कहा कि यदि सीबीआई की जांच होने के बाद स्पष्ट हो जाएगा कि किसने भ्रष्ट तरीके से नौकरी हासिल की और कौन निर्दोष है। इससे दूध का दूध और पानी का पानी हो जाएगा।
प्रोजेक्ट भवन में कार्यरत प्रतिमा ने कहा कि वह खुद एसटी समुदाय से आती हैं। उन्होंने कहा कि सरकार से नौकरी मिलने के बाद नौकरी चली जाएगी, इसकी उम्मीद नहीं थी।
हालांकि, अब न्यायालय का फैसला उनके पक्ष में आया है, जिससे राहत मिली है। उन्होंने कहा कि पूरे मामले की पहले जांच होती तो बेहतर होता और इससे दोषियों की पहचान भी स्पष्ट हो जाती।
सफल अभ्यर्थी सुनील कुमार ने कहा कि सफल अभ्यर्थी जांच से भाग नहीं रहे हैं। उनकी मांग है कि पूरे मामले की सीबीआई जांच हो। उन्होंने कहा कि पहले भी सीजीएल अभ्यर्थियों को सीआईडी जांच के बाद न्यायालय के आदेश से नौकरी मिली थी। अब उच्च न्यायालय के स्टे से उन्हें बड़ी राहत मिली है।
जेपीएससी की 11 वीं से 13 वीं सिविल सेवा परीक्षा के सफल अभ्यर्थियों और फूड सेफ्टी ऑफिसर की नौकरी रद्द किए जाने के मामले में भी न्यायालय से स्टे लगा दिया गया है। अन्य प्रभावित अभ्यर्थी भी न्यायालय की शरण लेने की तैयारी में हैं।
तिरंगा यात्रा के दौरान अभ्यर्थियों ने सरकार से मामले का स्थायी समाधान निकालने, चयनित अभ्यर्थियों के हित में फैसला लेने और उनकी मांगों पर गंभीरता से विचार करने की अपील की। अभ्यर्थियों ने कहा कि मांगें पूरी होने तक आंदोलन जारी रहेगा।
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हिन्दुस्थान समाचार / Manoj Kumar

