जेपीएससी आंदोलन पर छात्र रवि कुमार का सरकार पर तंज, बोले- रोजगार नहीं मिला तो टेंट में देना पड़ेगा प्रशिक्षण
रांची, 08 अगस्त (हि.स.)। इंग्लिश ऑनर्स में एमए के छात्र और हजारीबाग निवासी रवि कुमार ने जेपीएससी समेत अन्य प्रतियोगी परीक्षाओं को लेकर चल रहे छात्र आंदोलन के बीच शनिवार को राज्य सरकार पर निशाना साधा। जयपाल सिंह स्टेडियम पहुंचकर आंदोलनरत छात्रों के समर्थन में उन्होंने कहा कि प्रतियोगी परीक्षाओं के अभ्यर्थियों को सड़क पर उतरकर आंदोलन और आमरण अनशन करने की नौबत मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन के नेतृत्व वाली सरकार की नीतियों के कारण आई है।
‘हिन्दुस्थान समाचार’ से विशेष बातचीत में रवि कुमार ने कहा कि विधानसभा चुनाव से पहले युवाओं को रोजगार और नौकरी देने के बड़े-बड़े वादे किए गए थे। जेपीएससी की परीक्षाएं नियमित कराने और अन्य प्रतियोगी परीक्षाओं का आयोजन समय पर करने की भी बात कही गई थी। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार बनने के बाद रोजगार के सवाल पर युवाओं से कहा गया कि रोजगार केवल नौकरी से नहीं आता। मुर्गी पालन, बकरी पालन और सूअर पालन जैसे स्वरोजगार के जरिए नौकरी की तुलना में अधिक आय अर्जित की जा सकती है।
उन्होंने कहा कि आज उसी का परिणाम है कि जेपीएससी प्रकरण को लेकर छात्र जयपाल सिंह स्टेडियम में आंदोलन और आमरण अनशन करने को मजबूर हैं। फिलहाल स्टेडियम में आंदोलन के लिए दो टेंट लगाए गए हैं।
रवि कुमार ने सरकार पर तंज कसते हुए कहा कि यदि युवाओं को इसी तरह रोजगार के लिए संघर्ष करना पड़ा तो आने वाले दिनों में यहां और टेंट लगाने पड़ेंगे। सरकार को इन्हीं टेंटों में युवाओं को मुर्गी, बकरी और सूअर पालन का प्रशिक्षण देना पड़ेगा।
उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने चुनाव से पहले जेपीएससी की परीक्षाएं नियमित कराने और अन्य प्रतियोगी परीक्षाओं का आयोजन समय पर करने की बात कही थी। अब सरकार को अपने वादे के अनुरूप छात्र-अभ्यर्थियों की मांगों पर ठोस निर्णय लेना चाहिए।
रवि कुमार ने कहा कि जेपीएससी-जेएसएससी समेत अन्य प्रतियोगी परीक्षाओं का मुद्दा केवल परीक्षा तक सीमित नहीं है, बल्कि यह राज्य के युवाओं के भविष्य और रोजगार से सीधे जुड़ा हुआ है। सरकार को आंदोलन कर रहे छात्रों से संवाद कर उनकी मांगों का समाधान करना चाहिए।
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हिन्दुस्थान समाचार / Manoj Kumar

