झासा ने सचिव को सौंपा चार सूत्री मांगों का ज्ञापन
रांची, 24 अप्रैल (हि.स.)। झारखंड स्टेट हेल्थ सर्विस एसोशिएशन (झासा) के प्रतिनिधिमंडल ने शुक्रवार को स्वास्थ्य विभाग के अपर मुख्य सचिव अजय कुमार सिंह से मुलाकात कर चार सूत्री मांगों को लेकर ज्ञापन सौंपा।
झासा प्रतिनिधिमंडल ने केंद्र सरकार और बिहार की तर्ज पर डायनेमिक एसीपी लागू करने की मांग रखी। इसके अलावा 2009 बैच के चिकित्सकों की सेवा संपुष्टि में जनजातीय भाषा की अनिवार्यता से उत्पन्न विसंगतियों को दूर करने, 50 वर्ष से अधिक आयु के चिकित्सकों को विभागीय परीक्षा से छूट देने और श्रावणी मेला के दौरान देवघर और दुमका में प्रतिनियुक्ति से संबंधित समस्याओं को भी प्रमुखता से उठाया गया।
झासा ने कहा कि बिहार में चिकित्सकों को 20 वर्षों में चार डायनेमिक एसीपी का लाभ मिल जाता है, जबकि झारखंड में यही लाभ 25 वर्षों में मिलता है। दंत चिकित्सकों को 20 वर्षों में केवल तीन एसीपी मिलने की व्यवस्था पर भी आपत्ति जताई गई और इसमें सुधार की मांग की गई। साथ ही विशेषज्ञ चिकित्सकों के लिए अब तक स्पष्ट सेवा नियमावली नहीं बनने का मुद्दा भी उठाया गया।
2009 बैच के मामले में प्रतिनिधिमंडल ने कहा कि 2011 की नियमावली को पूर्व प्रभाव से लागू करने के कारण सीनियरिटी और पदोन्नति प्रभावित हो रही है। जनजातीय भाषा परीक्षा की अनिवार्यता हटाने और सेवा संपुष्टि में राहत देने की मांग दोहराई गई।
मौके पर सचिव ने मांगों को विचारणीय बताते हुए कहा कि सुदूरवर्ती क्षेत्रों में चिकित्सकों की उपलब्धता बड़ी चुनौती है। उन्होंने कहा कि डॉक्टरों के नहीं पहुंचने से आम लोगों को इलाज में परेशानी होती है, इसलिए इस पहलू पर संतुलित निर्णय जरूरी है। उन्होंने प्रतिनिधिमंडल को सुझाव दिया कि इस विषय पर पुनर्विचार कर अगले सप्ताह फिर बैठक करें।
बैठक में झासा अध्यक्ष डॉ विमलेश सिंह, सचिव डॉ मृत्युंजय सिंह, संयोजक डॉ शरद, संयुक्त सचिव डॉ अजीत सहित कई सदस्य मौजूद थे।
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हिन्दुस्थान समाचार / Manoj Kumar

