डकैती कांड के मास्टरमाइंड निकले बहन, बहनोई और साला
रामगढ़, 24 अप्रैल (हि.स.)। रजरप्पा थाने के चितरपुर में जेवर दुकान में डकैती करने वाले गैंग के मास्टरमाइंड बहन, बहनोई और साला थे। इसका खुलासा तब हुआ जब रामगढ़ जिले की पुलिस छापेमारी करती हुई नालंदा जिले के हरनौत इलाके में पहुंची।
रामगढ़ एसपी मुकेश कुमार लुनायत ने बताया कि गिरफ्तार डकैत आनंद के अनुसार विभाष पासवान उर्फ मृगेंद्र नालंदा जिले के नुरसराय थाना क्षेत्र अंतर्गत गणपुरा गांव का रहने वाला है। उसकी बहन रीना देवी की शादी भारतीय रेलवे में ग्रुप डी कर्मचारी मनीष कुमार के साथ हुई थी। मनीष हरनौत में सवारी डिब्बा मरम्मत कारखाने में काम करता था। उसी की आर्टिका कार (बीआर 01 जेए 6449 ) से विभाष पासवान ने डकैती के बाद पुलिस की आंखों में धूल झोंकने की योजना बनाई थी।
रामगढ़ जिले से करोड़ों रुपए का जेवर लूटने के बाद विभाष अपने साथियों के साथ इस कार से फरार हुआ और सीधे नालंदा पहुंच गया। उसने अपनी बहनोई नालंदा जिले के बेना थाना क्षेत्र अंतर्गत सलेमपुर गांव निवासी मनीष कुमार की भारत सरकार लिखी हुई अर्टिगा कार में ही गहनों से भरा सूटकेस छुपा कर रखा। साथ ही अपनी बहन रीना देवी को उसका केयरटेकर बना दिया। जब पुलिस सीसीटीवी फुटेज और टेक्निकल सेल की मदद से छापेमारी करती हुई मनीष के घर पहुंची तो उसके घर और गाड़ी से ही लूटे गए जेवर बरामद किए।
जब पुलिस ने मनीष को हिरासत में लिया था तभी उसने लूटे गए आभूषण का ठिकाना बताया था। मनीष की निशानदेही पर ही लूटे गए आभूषण उसकी आर्टिका कार से बरामद हुई। मनीष की पत्नी रीना देवी और महेंद्र महतो की पत्नी चंद्रावती देवी को भी पुलिस ने उसी की निशानदेही पर गिरफ्तार किया।
मनीष ने पुलिस को बताया कि उसका साला विभाष पासवान उर्फ मृगेंद्र हाल ही में रांची जेल से छूटा था। उसके खिलाफ झारखंड राज्य में कुल 25 मामले दर्ज हैं। पूछताछ के दौरान मनीष ने बताया कि उसकी कार में बैग से 12 चम्मच, दो ब्रेसलेट, दो चरण पादुका, एक दिया, शिवलिंग, अंगूठी, 54 बाला, छह हार, मूंगा मोती का एक हार सेट, टूटा हुआ हार, लॉकेट, नथिया, 8 कानबाली, चार टॉप्स,16 कनफुल सहित सामान बरामद हुए हैं। इसके अलावा सोने-चांदी के जेवर और अन्य सामान ट्रॉली बैग में बंद कर किर में रखा गया था। पुलिस ने मनीष के मोबाइल को भी जब्त किया है।
पुलिस विभाष पासवान उर्फ मृगेंद्र की तलाश कर रही है। पुलिस की पूछताछ में यह भी स्पष्ट हुआ है की डकैती कांड में शामिल सारे अपराधी हरनौत में ही कोच मरम्मत कारखाने के रेलवे कॉलोनी क्वार्टर डी/21/301 में अपना अड्डा बनाकर रखे हुए थे।
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हिन्दुस्थान समाचार / अमितेश प्रकाश

