कर्मचारियों का आर्थिक बोझ कम करेगा नई स्वास्थ्य बीमा योजना : इरफान
रांची, 23 अप्रैल (हि.स.)। प्रदेश के स्वास्थ्य मंत्री ने कहा कि राज्य की हर एक जनता के स्वास्थ्य की जिम्मेदारी सरकार की है। हमारा उद्देश्य सिर्फ योजना लागू करना नहीं, बल्कि हर व्यक्ति तक गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सुविधा पहुंचाना है। नई स्वास्थ्य बीमा योजना न केवल इलाज को आसान बनाएगी, बल्कि कर्मचारियों के आर्थिक बोझ को भी कम करेगी। राज्य की स्वास्थ्य व्यवस्था को मजबूत बनाएगी। मंत्री गुरूवार को राज्य कर्मी स्वास्थ्य बीमा योजना के तहत नई बीमा अवधि के लिए रांची में एक महत्वपूर्ण समझौता (एमओयू) करने के दौरान बतौर मुख्ये अतिथि बोल रहे थे। उन्होंने इसे स्वास्थ्य क्षेत्र में उठाया गया बड़ा कदम बताया है।
मंत्री ने कहा कि इस व्यवस्था के लागू होने के बाद राज्य के कर्मचारियों और उनके आश्रितों को देशभर के लगभग 600 प्रतिष्ठित अस्पतालों में पूरी तरह कैशलेस इलाज की सुविधा मिलेगी। इस योजना में राज्य के करीब 200 अस्पतालों के साथ-साथ वेल्लोर, चेन्नई, दिल्ली, हैदराबाद और बेंगलुरु के प्रमुख सुपर स्पेशलिटी अस्पतालों को जोड़ा गया है। सीजीएचएस दरों पर इलाज सुनिश्चित होने से पारदर्शिता बढ़ेगी और खर्च में कमी आएगी।
उन्होंने कहा कि योजना के तहत ओपीडी, फॉलोअप, दवा, यात्रा भत्ता, आयुष उपचार और मेडिकल एडवांस जैसी सुविधाएं भी उपलब्ध होंगी। वर्तमान में करीब 2 लाख कर्मचारी और उनके परिवार जुड़े हैं, जिससे लाभार्थियों की संख्या सात लाख से अधिक हो गई है। पिछले वर्ष 10,257 मरीजों के इलाज पर लगभग 51 करोड़ रुपये खर्च हुए।
स्वास्थ्य मंत्री ने कहा कि यह योजना कर्मचारियों के स्वास्थ्य सुरक्षा की गारंटी है। आर्थिक बोझ को कम करेगी। अबुआ कार्ड के तहत बीमा राशि पांच लाख से बढाकर 15 लाख रुपये कर दी गई है।
उन्होंने आगे बताया कि राज्य में मेडिकल कॉलेजों का विस्तार, मेडिको सिटी की स्थापना, मेडिकल सीटों में वृद्धि और रिम्स-2 जैसे बड़े प्रोजेक्ट्स पर तेजी से काम किया जा रहा है, ताकि भविष्य में लोगों को इलाज के लिए राज्य से बाहर न जाना पड़े।
झारखंड स्टेट आरोग्य सोसाइटी की अपर कार्यकारी निदेशक सीमा सिंह ने धन्यवाद ज्ञापन प्रस्तुत किया।
कार्यक्रम में राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन (एनएचएम) के अभियान निदेशक शशि प्रकाश झा, आयुष्मान भारत डिजिटल मिशन के स्टेट मिशन डायरेक्टर विद्यानंद शर्मा पंकज, एएजी आशुतोष आनंद, डीआईसी डॉ. सिद्धार्थ सान्याल सहित कर्मचारियों के 33 महासंघ एवं विभिन्न एसोसिएशनों के प्रतिनिधि, एसोसिएशन ऑफ हेल्थ प्रोवाइडर्स ऑफ इंडिया के प्रतिनिधि, विभिन्न बोर्ड एवं निगमों के प्रतिनिधि, टाटा एआईजी के प्रतिनिधि, विश्वविद्यालयों के प्रतिनिधि तथा स्वास्थ्य विभाग के वरीय पदाधिकारी एवं कर्मचारी मौजूद थे।
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हिन्दुस्थान समाचार / Manoj Kumar

