प्राथमिकता के आधार पर लंबित दावों का निबटारा करें बीमा कंपनियां : सचिव
रांची, 01 सितंबर (हि.स.)। स्वास्थ्य विभाग के अपर मुख्य सचिव अजय कुमार सिंह की अध्यक्षता में मंगलवार को झारखंड स्टेट आरोग्य सोसाइटी की बैठक हुई।
बैठक में आयुष्मान भारत मुख्यमंत्री जन आरोग्य योजना, मुख्यमंत्री अबुआ स्वास्थ्य सुरक्षा योजना और एसईएचआईएस से जुड़े विभिन्न मुद्दों की समीक्षा की गई।
बैठक में वर्तमान बीमा योजना की अवधि समाप्त होने को देखते हुए नई बीमा कंपनी के चयन के लिए जल्द टेंडर प्रक्रिया शुरू करने का निर्णय लिया गया। जसास को पिछले वर्षों में योजना में जोड़ी गई, नई सुविधाओं को शामिल करते हुए इसी माह प्रस्तुतीकरण तैयार करने का निर्देश दिया गया।
इसके लिए अन्य राज्यों की बीमा निविदाओं का भी अध्ययन किया जा रहा है।
इस अवसर पर अजय सिंह ने बीमा कंपनियों के स्तर पर लंबित दावों को प्राथमिकता के आधार पर निपटाने और उन्हें एनएचए की निर्धारित समय-सीमा के अनुरूप लाने का निर्देश दिया। इसके साथ ही उन्होंने टीएमएस 1.0 और 2.0 में भुगतान के बावजूद तकनीकी कारणों से अस्पतालों को राशि नहीं मिलने वाले मामलों को बैंक, बीमा कंपनी और एनएचए की तकनीकी टीम के समन्वय से शीघ्र सुलझाने की बात कही।
मौके पर बढ़ते दावों को देखते हुए जसास में रिक्त पदों पर नियुक्ति और डॉक्टर और डेटा एनालिस्ट की उपलब्धता पर भी चर्चा हुई। आशा, आंगनबाड़ी सेविका-सहायिका और उनके परिवारों को आयुष्मान योजना से जोड़ने की प्रक्रिया की समीक्षा करते हुए पात्र लाभार्थियों का ई-केवाईसी कर सीएससी केंद्रों एवं अस्पतालों से कार्ड जारी करने तथा पीडीएस डीलरों और सीएससी केंद्रों के बीच समन्वय बढ़ाने का निर्देश दिया गया।
बैठक में विभाग की विशेष सचिव डॉ नेहा अरोड़ा, अपर सचिव सह कार्यकारी निदेशक शशि प्रकाश सिंह, जसास के परामर्शी एवं नेशनल इंश्योरेंस कंपनी और टाटा एआईजी के प्रतिनिधि मौजूद थे।
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हिन्दुस्थान समाचार / Manoj Kumar

