प्राचीन ज्ञान और आधुनिक शिक्षा का सेतु है भारतीय ज्ञान प्रणाली : कॉर्नेल

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प्राचीन ज्ञान और आधुनिक शिक्षा का सेतु है भारतीय ज्ञान प्रणाली : कॉर्नेल


प्राचीन ज्ञान और आधुनिक शिक्षा का सेतु है भारतीय ज्ञान प्रणाली : कॉर्नेल


प्राचीन ज्ञान और आधुनिक शिक्षा का सेतु है भारतीय ज्ञान प्रणाली : कॉर्नेल


रामगढ़, 22 अप्रैल (हि.स.)। राधा गोविंद विश्वविद्यालय के ऑडिटोरियम में दो दिवसीय अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन का शुभारंभ बुधवार काे हुआ। एनईपी 2020 में भारतीय ज्ञान प्रणाली वैश्विक परिप्रेक्ष्य में भारतीय शिक्षा विषय पर आयोजित इस सम्मेलन में देश-विदेश के विद्वानों, शिक्षाविदों और शोधार्थियों की प्रभावशाली उपस्थिति रही।

सम्मेलन में मेक्सिको से जुड़े शिक्षाविद् कॉर्नेल ने कहा कि भारतीय ज्ञान प्रणाली प्राचीन ज्ञान और आधुनिक शिक्षा के बीच सेतु का कार्य करती है। उन्हाेंने कहा कि यह वक्तव्य सम्मेलन के मूल उद्देश्य को सटीक रूप से परिभाषित करता है।

कार्यक्रम का उद्घाटन विश्वविद्यालय के कुलाधिपति बीएन साह सहित अन्य अतिथियों ने किया। वहीं मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित डॉ बिहारी लाल शर्मा ने कहा कि धर्म वह प्रकाश है, जो मनुष्य को अज्ञान से ज्ञान और असत्य से सत्य की ओर ले जाकर उसके जीवन का समग्र विकास करता है। वहीं डॉ आरसी मिश्रा ने राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 को कौशल आधारित बताते हुए कहा कि यह विद्यार्थियों को आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में एक क्रांतिकारी कदम है।

सम्मेलन में वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से रूस, केन्या, अमेरिका, मेक्सिको और नेपाल के प्रतिष्ठित शिक्षाविदों ने भाग लिया। सभी वक्ताओं ने भारतीय ज्ञान प्रणाली की वैश्विक प्रासंगिकता पर जोर देते हुए इसे नई शिक्षा नीति के साथ जोड़ने की आवश्यकता बताई।

वहीं विश्वविद्यालय की कुलपति डॉ रश्मि ने स्वागत भाषण में कहा कि नई शिक्षा नीति 2020 भारतीय ज्ञान प्रणाली को शिक्षा के केंद्र में स्थापित करने का सुनहरा अवसर है, जो विद्यार्थियों में नैतिकता, शोध और समग्र विकास को बढ़ावा देगा। इस दौरान स्मारिका का विमोचन भी किया गया, जो सम्मेलन की बौद्धिक विरासत का दस्तावेज बनेगा।

सम्मेलन के दौरान विभिन्न तकनीकी सत्रों का आयोजन हुआ, जहां प्रतिभागियों ने अपने शोध पत्र प्रस्तुत किया।

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हिन्दुस्थान समाचार / अमितेश प्रकाश

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