वोट चोरी के खिलाफ एक नवंबर को दिल्ली में इंडी गठबंधन की रैली : फूलो देवी
रांची, 23 अक्टूबर (हि.स.)। वोट बचाओ, देश बचाओ अभियान के तहत राजधानी रांची के कांग्रेस भवन, में शुक्रवार को आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस को अभियान की झारखंड ऑब्जर्वर और राज्यसभा सांसद फूलो देवी नेताम, प्रदेश अध्यक्ष केशव महतो कमलेश एवं पूर्व प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष राजेश ठाकुर, पूर्व केंद्रीय मंत्री सुबोधकांत सहाय ने संबोधित किया।
मौके पर अभियान की झारखंड ऑब्जर्वर फूलो देवी नेताम ने कहा कि राहुल गांधी ने वोट बचाओ, देश बचाओ अभियान की शुरुआत लोकतंत्र और देश के नागरिकों के मताधिकार की रक्षा के उद्देश्य से की है। राहुल गांधी ने साक्ष्यों के साथ ऐसे मुद्दों को देश के सामने रखा है, जिन पर गंभीरता से विचार करने और जवाबदेही तय करने की आवश्यकता है।
उन्होंने कहा कि कांग्रेस पिछले कई दिनों से इस अभियान के तहत लगातार कार्यक्रम आयोजित कर रही है। प्रखंड से लेकर जिला और प्रदेश स्तर तक बैठकें, प्रेस कॉन्फ्रेंस और जनजागरण कार्यक्रमों के माध्यम से लोगों को मतदाता सूची में कथित गड़बड़ियों एवं वोट चोरी के आरोपों के बारे में जागरूक किया जा रहा है।
नेताम ने कहा कि कांग्रेस का उद्देश्य वोट चोरी की कथित साजिश को जनता के सामने उजागर करना और लोकतांत्रिक व्यवस्था में लोगों का विश्वास बनाए रखना है।
उन्होंने बताया कि एक नवंबर को दिल्ली में वोट बचाओ, देश बचाओ अभियान के तहत एक बड़ी रैली आयोजित की जाएगी। इस रैली में कांग्रेस के नेतृत्व में इंडिया गठबंधन के विभिन्न घटक दलों के नेता शामिल होंगे। यह रैली लोकतंत्र और मताधिकार की रक्षा के लिए विपक्षी दलों की साझा प्रतिबद्धता को सामने रखेगी।
एसआईआर की प्रक्रिया में गड़बड़ियों पर उठ रहे सवाल : कमलेश
मौके पर प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष केशव महतो कमलेश ने कहा कि पिछले दिनों दिल्ली में इंडिया गठबंधन के नेताओं की बैठक में वोट बचाओ, देश बचाओ अभियान को लेकर विस्तृत रणनीति बनाई गई थी। इसी रणनीति के तहत देशभर में कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं। झारखंड से भी कांग्रेस के नेता और कार्यकर्ता दिल्ली की रैली में भाग लेंगे।
उन्होंने कहा कि राहुल गांधी ने वोट चोरी के खिलाफ जो लड़ाई शुरू की है, वह तथ्यों और साक्ष्यों के आधार पर सवाल उठाने की लड़ाई है। देश के सामने यह सवाल है कि आखिर मतदाता सूची में कथित गड़बड़ियां कैसे हुईं और एसआईआर की प्रक्रिया के दौरान किन परिस्थितियों में मतदाताओं के नाम प्रभावित हुए।
पूर्व प्रदेश अध्यक्ष राजेश ठाकुर ने कहा कि एसआईआर की मौजूदा प्रक्रिया को लेकर जिस तरह के सवाल उठ रहे हैं, उनका जवाब चुनाव आयोग को देना चाहिए। मतदाता सूची की शुद्धता और पारदर्शिता लोकतंत्र की बुनियादी जरूरत है। किसी भी पात्र नागरिक का नाम मतदाता सूची से गलत तरीके से नहीं हटना चाहिए और किसी भी मतदाता को अपने मताधिकार से वंचित नहीं किया जाना चाहिए।
पूर्व केंद्रीय मंत्री सुबोधकांत सहाय ने कहा कि राहुल गांधी लगातार चुनाव प्रक्रिया और मतदाता सूची से जुड़े सवालों को देश के सामने रख रहे हैं।
ऐसे में यह समझना जरूरी है कि मुख्य चुनाव आयुक्त की भूमिका पर इतने सवाल क्यों उठ रहे हैं।
उन्होंने कहा कि चुनाव आयोग एक संवैधानिक संस्था है, जिस पर निष्पक्ष और पारदर्शी चुनाव सुनिश्चित करने की जिम्मेदारी है। जब चुनाव प्रक्रिया और मतदाता सूची को लेकर सवाल उठते हैं, तो चुनाव आयोग की जिम्मेदारी है कि वह तथ्यों के साथ स्थिति स्पष्ट करे और लोगों की शंकाओं का समाधान करे।
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हिन्दुस्थान समाचार / Vinod Pathak

