बच्चों में सामाजिक व्यवहार में कमी, ऑटिज्म के लक्षण : डॉ अरविंद
रांची, 02 अप्रैल (हि.स.)। विश्व ऑटिज्म दिवस के अवसर पर नामकुम स्थित ईएसआई मेडिकल कॉलेज और अस्पताल में गुरूवार को जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया गया।
कार्यक्रम में इस वर्ष की थीम ऑटिज्म और मानवता, प्रत्येक जीवन का मूल्य है रखी गई, जिसके तहत विशेषज्ञों ने ऑटिज्म के लक्षण, पहचान और समय पर इलाज की अहम जानकारी दी। माैके पर विशेषज्ञों ने ऑटिज्म से जुड़ी कई महत्वपूर्ण जानकारियां साझा की। कार्यक्रम में शिशु रोग विशेषज्ञ डॉ अरविंंद कुमार ने बताया कि बच्चों में सामाजिक व्यवहार में कमी, आंखों से संपर्क न करना, देर से बोलना या प्रतिक्रिया न देना ऑटिज्म के प्रमुख लक्षण हैं। उन्होंने अभिभावकों को सतर्क रहने और समय पर चिकित्सकीय सलाह लेने की अपील की। मनोचिकित्सा विशेषज्ञ डॉ जैनी अहमद ने कहा कि ऑटिज्म के संकेत 12 से 15 महीने की उम्र में ही दिखने लगते हैं। उन्होंने समय पर हस्तक्षेप को बेहद जरूरी बताते हुए कहा कि इससे बच्चों के विकास में सुधार संभव है। वहीं ईएनटी विशेषज्ञ डॉ राकेश कुमार ने सुनने और बोलने से जुड़ी समस्याओं पर प्रकाश डालते हुए उचित जांच और थेरेपी की जरूरत बताई।
इस अवसर डॉनर्सिंग ऑफिसर, अस्पताल कर्मी सहित अन्य मौजूद थे।
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हिन्दुस्थान समाचार / Manoj Kumar

