विस्थापन और मुआवजे की लड़ाई का नेतृत्व करने के कारण ध्वस्त किया पिता का घर : अम्बा
रांची, 22 मार्च (हि.स.)। पूर्व मंत्री और कांग्रेस से निष्कासित नेता योगेंद्र साव की बेटी और पूर्व विधायक एवं कांग्रेस की राष्ट्रीय सचिव अंबा प्रसाद ने कहा है कि एनटीपीसी और हजारीबाग प्रशासन ने मिलकर उनके पिता का घर अवैध तरीके से और बिना मुआवजा दिए ध्वस्त किया है। यह कार्रवाई इसलिए की गई, क्योंकि उनके पिता लगातार हजारीबाग और बड़कागांव की जनता के विस्थापन और मुआवजे की लड़ाई लड़ते रहे हैं। अंबा रविवार को रांची प्रेस क्लब में मीडिया से बात कर रही थीं।
मौके पर अंबा प्रसाद ने कहा कि एनटीपीसी के अधिकारी गलत बयानी कर रहे हैं कि वर्ष 2008 में ही जमीन अधिग्रहित कर ली गई थी, जबकि हकीकत कुछ और है। भवन निर्माण विभाग के जूनियर इंजीनियर की रिपोर्ट पर फैक्ट्री को तोड़ने पर सवाल उठाते हुए उन्होंने पूछा कि क्या राज्य में कंपनी इंस्पेक्टर का पद रिक्त हो गया है, जो भवन निर्माण के अधिकारी कंपनी या फैक्ट्री भवन का मुआवजा तय करेंगे।
अंबा प्रसाद ने पूरे मामले को राजनीतिक साजिश करार देते हुए आरोप लगाया कि प्रशासन ने बिना किसी पूर्व सूचना के अचानक बुलडोजर चलाकर उनका घर तोड़ दिया, जो न्याय के सिद्धांतों के खिलाफ है। उन्होंने कहा कि यह कार्रवाई न केवल अन्यायपूर्ण है, बल्कि लोकतांत्रिक व्यवस्था पर भी सवाल खड़े करती है। राज्य सरकार पर निशाना साधते हुए उन्होंने कहा कि घर तोड़ा जा सकता है, लेकिन हमारी हिम्मत नहीं तोड़ी जा सकती है। अंबा प्रसाद ने साफ किया कि वे इस पूरे मामले को लेकर न्यायालय का दरवाजा खटखटाएंगी और न्याय के लिए लड़ाई जारी रखेंगी। अंबा ने अपने पिता योगेंद्र साव को कांग्रेस से निष्कासित करने की प्रक्रिया पर भी गंभीर सवाल उठाए और राज्य कांग्रेस के उन नेताओं को निशाने पर लिया, जो घर तोड़े जाने के बाद उनके पिता की ओर से दिए बयानों पर सवाल उठा रहे थे।
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हिन्दुस्थान समाचार / Vinod Pathak

