स्वामी विवेकानंद की जयंती पर हिंदी साहित्य भारती ने अर्पित की पुष्पांजलि
रांची, 12 जनवरी (हि.स.)। स्वामी विवेकानंद की जयंती के अवसर पर हिंदी साहित्य भारती, झारखंड की ओर से सोमवार को रांची के मेकॉन चौक स्थित स्वामी विवेकानंद की प्रतिमा पर पुष्पांजलि अर्पित कर भावभीनी श्रद्धांजलि दी गई। इस अवसर पर उपस्थित लोगों ने उनके बताए आदर्शों पर चलने का संकल्प भी लिया।
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए हिंदी साहित्य भारती, झारखंड के अध्यक्ष अजय राय ने कहा कि स्वामी विवेकानंद भारत की आध्यात्मिक चेतना के महान प्रतीक थे। उन्होंने अपने ओजस्वी विचारों और कर्मयोग के संदेश के माध्यम से न केवल देश को आत्मगौरव का बोध कराया, बल्कि संपूर्ण विश्व में भारतीय संस्कृति और वेदांत दर्शन की विशिष्ट पहचान स्थापित की।
अजय राय ने कहा कि “उठो, जागो और लक्ष्य प्राप्ति तक रुको मत” का स्वामी विवेकानंद का संदेश आज भी युवाओं के लिए पथप्रदर्शक है। उनका संपूर्ण जीवन आत्मविश्वास, चरित्र निर्माण, सामाजिक समरसता और मानव सेवा की प्रेरणा देता है।उन्होंने कहा कि स्वामी विवेकानंद के आदर्शों को जीवन में अपनाकर ही एक सशक्त, संस्कारित और समरस समाज का निर्माण संभव है।
कार्यक्रम का समापन उनके विचारों को आत्मसात करने के संकल्प के साथ हुआ। इस अवसर पर संगठन के पदाधिकारी, साहित्यकार तथा कई गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे।----------
हिन्दुस्थान समाचार / Manoj Kumar

