माता के पार्थिव शरीर के साथ पैतृक गांव नेमरा पहुंचे मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन
रामगढ़, 08 अक्टूबर (हि.स.)।
मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन की माता रूपी सोरेन का पार्थिव शरीर गुरुवार की दोपहर रामगढ़ जिले के गोला प्रखंड अंतर्गत नेमरा गांव पहुंचा।
मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन अपनी माता रूपी सोरेन के पार्थिव शरीर को लेकर अपने आवास पहुंचे। यहां उनके परिवार के सभी सदस्यों ने उनका अंतिम दर्शन किया। पारंपरिक रीति रिवाज उनके आवास में ही निभाई गई। इसके बाद अंतिम संस्कार के लिए गांव के ही शमशान घाट पर ले जाया गया। मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने ही अपनी माता को मुखाग्नि दी।
बेहद गमगीन माहौल में मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने अपनी माता रूपी सोरेन को अंतिम विदाई दी। मुख्यमंत्री ने इससे पहले सोशल मीडिया पर अपनी मां के जाने का दुख भी जताया था। उन्होंने कहा था कि बाबा शिबू सोरेन के जाने के बाद उनकी मां रूपी सोरेन की उनके लिए सबसे बड़ी छांव थी। लेकिन वह छांव भी प्रकृति की गोद में समा गया।
अपनी मां के पार्थिव शरीर के साथ बैठे बेहद खामोश हेमंत सोरेन एक भाव विह्वल पुत्र की तरह नजर आए। वह अपने सारे ओहदे को पीछे छोड़ते हुए अपने घर पहुंचे थे। उनके चेहरे पर एक निश्चल पीड़ा झलक रही थी।
मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन की पत्नी कल्पना सोरेन ने अपनी सास रूपी सोरेन को भावभीनी विदाई दी। घर के आंगन में पारंपरिक रीति रिवाजों को निभाने के बाद अपने परिवार और गांव की सभी महिलाओं के साथ कल्पना अंतिम यात्रा में शामिल हुईं।
घर के दरवाजे तक उन्होंने अपनी सासू मां को विदा किया। परंपरा के अनुसार अगले 13 दिनों तक श्राद्ध कर्म की पूरी प्रक्रिया निभाई जाएगी।
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हिन्दुस्थान समाचार / अमितेश प्रकाश

