एचईसी के कर्मियों को वेतन के बारे में पूछने पर मिल रही सस्पेंड करने की धमकी : यूनियन

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एचईसी के कर्मियों को वेतन के बारे में पूछने पर मिल रही सस्पेंड करने की धमकी : यूनियन


रांची, 11 मई (हि.स.)। एचईसी मजदूर संघ की बैठक यूनियन कार्यालय में एचईसी की समस्याओं को लेकर जीतू लोहरा की अध्यक्षता में सोमवार को हुई। बैठक में एचईसी में कार्यरत कर्मचारियों और अधिकारियों ने कहा कि वेतन और काम की स्थिति को लेकर सवाल पूछने पर उन्हें अटेंडेंस काटने और सस्पेंड करने की धमकी दी जा रही है।

कर्मचारियों के अनुसार एचईसी में कई कर्मियों का 29 से 34 महीने तक का वेतन बकाया है। इसके बावजूद कर्मचारी पूरी निष्ठा और मेहनत से कारखाने में कार्य कर रहे हैं और उत्पादन को समय पर पूरा करने का प्रयास कर रहे हैं।

कर्मचारियों का कहना है कि वे अपने परिवार से हजारों किलोमीटर दूर बेहतर भविष्य और रोजगार की उम्मीद लेकर यहां आए थे, लेकिन आज स्थिति यह है कि परिवार चलाना मुश्किल हो गया है। घर में आर्थिक संकट गहरा गया है और बच्चों का भविष्य अंधकारमय होता जा रहा है। कर्मियों ने आरोप लगाया कि जब उन्होंने भेल से आए हुए प्रभारी निदेशकों से पूछा कि कारखाने में पर्याप्त काम कब आएगा और समय पर वेतन मिलने की व्यवस्था कब होगी, तो अधिकारियों ने कथित तौर पर कहा कि पेमेंट के बारे में सवाल नहीं करने को कहा। साथ ही कहा गया कि यदि दोबारा वेतन की मांग की गई तो अटेंडेंस काट दी जाएगी और सस्पेंड कर दिया जाएगा।

इससे कर्मचारियों में भारी नाराजगी है।

कर्मचारियों से लिया जा रहा 12 घंटे तक काम

कर्मचारियों ने यह भी आरोप लगाया कि कारखाने में मूलभूत सुविधाओं का अभाव है। 08 घंटे की जगह कई कर्मचारियों से 12 घंटे तक काम लिया जाता है, लेकिन अतिरिक्त लाभ नहीं दिया जाता। कैंटीन, एंबुलेंस और सुरक्षा उपकरण, कर्मियों का प्रमोशन, पे स्लीप, जैसी बुनियादी सुविधाएं भी दी जा रही हैं।

दुर्घटना होने पर घायल कर्मचारियों को निजी वाहन या ऑटो से वेलनेस सेंटर पहुंचाना पड़ता है।

कर्मचारियों ने केंद्र और राज्य सरकार से एचईसी को बचाने की मांग की है। उनका कहना है कि संस्थान में स्थायी डायरेक्टर की नियुक्ति की जाए और अधिक से अधिक कार्यादेश उपलब्ध कराया जाए, ताकि एचईसी का भविष्य सुरक्षित रह सके।

कर्मचारियों ने कहा कि भेल से आए अस्थायी निदेशकों में से एक निदेशक कार्मिक को यहां से हटाया गया है, उसके बाद से अन्य निदेशकों का मजदूरों के प्रति अमानवीय व्यवहार कर रहे हैं। साथ ही कहा कि निदेशक जानबूझ कर मजदूरों को परेशान कर रहे हैं, ताकि मजदूर आक्रोश में आकर अशांति हो।

पैसा रहने के बावजूद भी प्रबंधन कहता है कि हमारे पास पैसा नहीं है, जब तक 10 करोड़ का उत्पादन नहीं होगा तब तक वेतन भुगतान नहीं किया जाएगा।

बैठक में रमा शंकर प्रसाद, विकास तिवारी, सुनील पांडे, सरोज कुमार, संजय कुमार, मनोज कुमार प्रसाद, रविकांत, रजनीश सहदेव, एम पच्चाई मुथू, सरोज कुमार, सुनील कुमार सहित काफी संख्या में कार्यकर्ता उपस्थित थे।

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हिन्दुस्थान समाचार / Vinod Pathak

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