251 एम्बुलेंस घोटाले का सबूत दें बाबूलाल, नहीं तो होगी एफआईआर : इरफान अंसारी

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251 एम्बुलेंस घोटाले का सबूत दें बाबूलाल, नहीं तो होगी एफआईआर : इरफान अंसारी


रांची, 27 मई (हि.स.)। झारखंड के स्वास्थ्य मंत्री डॉ. इरफान अंसारी ने स्वास्थ्य विभाग में कथित अनियमितताओं और घोटाले के आरोपों को सिरे से खारिज करते हुए कहा कि बिना किसी प्रमाण के विभाग की छवि खराब करने वालों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने स्पष्ट चेतावनी दी कि यदि नेता प्रतिपक्ष बाबूलाल मरांडी एक सप्ताह के भीतर 251 एम्बुलेंस घोटाले के आरोपों के समर्थन में सबूत पेश नहीं करते हैं, तो उनके खिलाफ प्राथमिकी (एफआईआर) दर्ज कराई जाएगी।

स्वास्थ्य मंत्री बुधवार को नामकुम स्थित लोक स्वास्थ्य संस्थान सभागार में आयोजित प्रेस वार्ता को संबोधित कर रहे थे। इस दौरान उन्होंने स्वास्थ्य विभाग के कामकाज, दवा खरीद प्रक्रिया, एम्बुलेंस सेवा और विभिन्न स्वास्थ्य योजनाओं से जुड़े आरोपों पर विस्तार से सरकार का पक्ष रखा।

डॉ. इरफान अंसारी ने कहा कि स्वास्थ्य विभाग जनता की जिंदगी और स्वास्थ्य से जुड़ा अत्यंत संवेदनशील विभाग है, जहां कई बार परिस्थितियों के अनुसार त्वरित और व्यावहारिक निर्णय लेने पड़ते हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि कुछ लोग और मीडिया संस्थान तथ्यों को तोड़-मरोड़कर पेश कर जनता को गुमराह करने की कोशिश कर रहे हैं।

उन्होंने नेता प्रतिपक्ष बाबूलाल मरांडी पर निशाना साधते हुए कहा कि यदि उनके पास 251 एम्बुलेंस से जुड़े कथित घोटाले का कोई ठोस प्रमाण है तो उसे सार्वजनिक करें। अन्यथा झूठे आरोप लगाकर विभाग और सरकार की छवि खराब करने की अनुमति नहीं दी जाएगी। मंत्री ने कहा कि राजनीतिक लाभ के लिए स्वास्थ्य जैसी संवेदनशील व्यवस्था को बदनाम करना दुर्भाग्यपूर्ण है।

दवा खरीद और वितरण प्रक्रिया पर उठ रहे सवालों का जवाब देते हुए मंत्री ने कहा कि लैब जांच में फेल होने वाली किसी भी दवा का वितरण नहीं किया जाता और न ही उसका भुगतान किया जाता है। उन्होंने कहा कि सरकार जनता की सुरक्षा और स्वास्थ्य के साथ किसी भी प्रकार का समझौता नहीं कर सकती। मंत्री के अनुसार, एक्सपायर्ड दवाओं की लागत कुल खरीद का एक प्रतिशत से भी कम है और दवा खरीद से लेकर वितरण तक की पूरी प्रक्रिया डीवीडीएमएस पोर्टल के माध्यम से ऑनलाइन और पारदर्शी तरीके से संचालित होती है।

108 एम्बुलेंस सेवा को लेकर उठ रहे सवालों पर भी मंत्री ने विस्तार से जवाब दिया। उन्होंने कहा कि वर्ष 2022-23 में खरीदी गई सभी 206 एम्बुलेंस पूरी तरह संचालित हैं और राज्य के विभिन्न जिलों में लोगों को आपातकालीन स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध करा रही हैं। उन्होंने कहा कि सरकार ग्रामीण और दूरदराज के क्षेत्रों तक स्वास्थ्य सुविधाएं पहुंचाने के लिए लगातार काम कर रही है।

मंत्री ने 104 हेल्पलाइन सेवा और मेडिकल ऑक्सीजन प्लांट स्थापना प्रक्रिया को भी पूरी तरह पारदर्शी बताया। उन्होंने कहा कि कोविड महामारी के बाद राज्य सरकार ने स्वास्थ्य ढांचे को मजबूत करने के लिए कई बड़े कदम उठाए हैं और स्वास्थ्य सेवाओं के आधुनिकीकरण पर लगातार काम किया जा रहा है।

डॉ. अंसारी ने कहा कि सरकार स्वास्थ्य सेवाओं को और बेहतर बनाने के लिए प्रतिबद्ध है तथा किसी भी प्रकार की तकनीकी प्रक्रिया को गलत तरीके से प्रस्तुत कर जनता में भ्रम फैलाने की कोशिश बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उन्होंने कहा कि यदि किसी के पास वास्तविक शिकायत या प्रमाण है तो उसे संबंधित एजेंसियों के समक्ष प्रस्तुत करना चाहिए, लेकिन निराधार आरोप लगाना उचित नहीं है।

प्रेस वार्ता में राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन (एनएचएम) झारखंड के अभियान निदेशक शशि प्रकाश झा सहित स्वास्थ्य विभाग के कई वरिष्ठ अधिकारी भी मौजूद थे। अधिकारियों ने विभाग की विभिन्न योजनाओं और प्रक्रियाओं को लेकर तकनीकी जानकारी भी साझा की।

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हिन्दुस्थान समाचार / Manoj Kumar

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