सहायक आचार्य नियुक्ति मामले में अभ्यर्थियों को उच्च न्यायालय से राहत
रांची, 01 सितंबर (हि.स.)। सहायक आचार्य (विज्ञापन संख्या 13/2023 ) के पद पर नियुक्ति से जुड़े मामले में झारखंड उच्च न्यायालय ने अभ्यर्थियों को राहत प्रदान की है। शिल्पा कुमारी एवं अन्य के मामले की सुनवाई उच्च न्यायालय के न्यायमूर्ति दीपक रोशन की कोर्ट में हुई। मामले में कोर्ट ने याचिकाकर्ताओं की रिट याचिका को स्वीकार करते हुए उनकी उम्मीदवारी पर विचार करने का निर्देश जेएसएससी को दिया है।
दरअसल, मामले में याचिकाकर्ताओं को झारखंड कर्मचारी चयन आयोग (जेएसएससी ) की ओर से नोटिस प्राप्त हुआ था, जिसमें यह कहा गया था कि उनके द्वारा प्राप्त बीएड की डिग्री विज्ञापन में निर्धारित शर्तों के अनुरूप नहीं है, जिसके कारण उनकी उम्मीदवारी पर विचार नहीं किया गया। याचिकाकर्ताओं की ओर से अधिवक्ता शुभम मिश्रा, अधिवक्ता ज्ञानदेव राज और अधिवक्ता काजी आसिफ इकबाल ने न्यायालय के समक्ष दलील दी कि याचिकाकर्ताओं ने एनसीटीई के प्रावधानों के अनुरूप बीएड की डिग्री प्राप्त की है और उनके पास जेटीईटी प्रमाण-पत्र भी है।
वे विज्ञापन संख्या 13/2023 में निर्धारित शैक्षणिक योग्यता सहित अन्य आवश्यक शर्तों को पूर्ण करते हैं और उनकी उम्मीदवारी को केवल बीएड की अवधि/प्रकृति के आधार पर अस्वीकार नहीं किया जा सकता।
दोनों पक्षों को सुनने के बाद न्यायालय ने बिप्लब दत्ता एवं अन्य के मामले में पारित आदेश के आलोक में रिट याचिका को स्वीकार करते हुए जेएसएससी को निर्देश दिया कि याचिकाकर्ताओं की उम्मीदवारी पर विचार किया जाए और उन्हें विज्ञापन की शर्तों के अनुसार नियुक्ति प्रक्रिया में शामिल करने के संबंध में उचित निर्णय लिया जाए।
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हिन्दुस्थान समाचार / विकाश कुमार पांडे

