आदिवासी धर्मकोड लागू कराने की मांग पर 16 मई को महासम्मेलन : प्रेमशाही

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आदिवासी धर्मकोड लागू कराने की मांग पर 16 मई को महासम्मेलन : प्रेमशाही


रांची, 03 अप्रैल (हि.स.)। आदिवासियों की धार्मिक पहचान सुनिश्चित करने के लिए आदिवासी धर्म कोड लागू कराने के लिए अब व्यापक संघर्ष किया जाएगा। इसके लिए आगामी 16 मई 2026 को महाराष्ट्र के नासिक में राष्ट्रीय आदिवासी धर्म महासम्मेलन आयोजित किया जाएगा, जिसमें देशभर के सामाजिक और धार्मिक नेताओं को आमंत्रित किया जाएगा। यह जानकारी प्रेमशाही मुंडा ने शुक्रवार को प्रेस विज्ञप्ति जारी करते हुए दी है।

उन्होंंने जारी विज्ञप्ति के माध्यम से बताया कि कोड लागू कराने की बात पर अखिल भारतीय आदिवासी विकास परिषद, महाराष्ट्र प्रदेश एवं अखिल भारतीय आदिवासी धर्म परिषद के संयुक्त तत्वावधान में नई दिल्ली एयरपोर्ट होटल में आयोजित एक महत्वपूर्ण बैठक में ठोस निर्णय लिए गए है।

बैठक में प्रेमशाही मुंडा ने कहा कि जनगणना प्रपत्र में धर्म कोड का अभाव आदिवासियों के मौलिक अधिकारों का हनन है। उन्होंने इसे राजनीतिक साजिश बताते हुए कहा कि धार्मिक न्यास बोर्ड का गठन नहीं होना, ट्राइबल सब प्लान के बजट में कटौती और आरक्षण पर प्रहार जैसे मुद्दे गंभीर चिंता का विषय हैं।

उन्होंने कहा कि धर्म कोड लागू होने तक सही जनगणना संभव नहीं है, इसलिए राष्ट्रव्यापी आंदोलन आवश्यक है। बैठक में विभिन्न राज्यों के कई प्रमुख प्रतिनिधि उपस्थित रहे। मौके पर देशभर से आए आदिवासी नेताओं ने धर्म कोड लागू करने के मुद्दे पर विस्तार से चर्चा की और इसे लेकर राष्ट्रीय स्तर पर आंदोलन तेज करने का निर्णय लिया।

बैठक में मुख्यच रूप से अखिल भारतीय आदिवासी विकास परिषद के युवा राष्ट्रीय अध्यक्ष लखी भाई जाधव, प्रेम शाही मुंडा, हंसराज लक्ष्मण खेवडा, तुकाराम सोमा वरडा, निलेश बालकृष्णमहाले, बंसल शंकर गावित, कृष्ण गंगाराम खाडम झारखंड से प्रकाश मुंडा, छत्तीसगढ़ से भुवन कोराम सहित अन्य लोग मौजूद थे।

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हिन्दुस्थान समाचार / Manoj Kumar

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