जेल से बाहर आए पूर्व मंत्री आलमगीर आलम, कांग्रेस नेताओं ने किया स्वागत

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जेल से बाहर आए पूर्व मंत्री आलमगीर आलम, कांग्रेस नेताओं ने किया स्वागत


रांची, 14 मई (हि.स.)। टेंडर कमीशन घोटाला के आरोप में जेल में बंद पूर्व मंत्री आलमगीर आलम गुरुवार को जेल से बाहर आ गए। उच्चतम न्यायालय से उनकी जमानत याचिका मंजूर होने के बाद चौथे दिन पीएमएलए कोर्ट में न्यायिक प्रक्रिया पूरी होते ही वे जेल से बाहर निकले। रांची के बिरसा मुंडा कारा में बंद आलमगीर को लेने उनकी पत्नी सह विधायक निशात आलम और पोता पहुंचे थे।

इससे पहले पीएमएलए की विशेष न्यायाधीश योगेश कुमार की अदालत में उनके अधिवक्ता ने बेल बॉन्ड की राशि एक-एक लाख के दो निजी मुचलके को भरा था। इसके बाद अदालत ने आलमगीर आलम को नियमित जमानत दी।

रांची के होटवार स्थित बिरसा मुंडा केंद्रीय कारा से आलमगीर आलम के बाहर निकलने की खबर के बाद बड़ी संख्या में कांग्रेस कार्यकर्ता जेल के बाहर जमा हो गए। यही स्थिति उनके एचईसी स्थित सरकारी आवास के पास भी दिखी।

पाकुड़ की विधायक और आलमगीर आलम की पत्नी निशात आलम, अपने पुत्र और पोते के साथ जेल पहुंचीं। जमानत पर रिहाई की सारी प्रक्रिया पूरी करने के बाद आलमगीर आलम ने सबसे पहले अपने पोते को दुलारा, इस बीच उनके समर्थक नारा लगाते नजर आए।

विधायक पत्नी निशात आलम के सरकारी आवास पर आलमगीर आलम के पहुंचते ही उनके समर्थकों में उनकी एक झलक पाने के लिए बेताबी दिखी। इस मौके पर मंत्री दीपिका पांडेय सिंह, प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष केशव महतो कमलेश, उज्जवल तिवारी सहित कई कांग्रेस नेताओं ने आलमगीर आलम से मुलाकात की।

कांग्रेस के प्रदेश मीडिया प्रभारी राकेश सिन्हा ने कहा कि आलमगीर आलम की गिरफ्तारी एक राजनीतिक गिरफ्तारी थी और भाजपा के इशारे पर हुई थी। लेकिन सत्य की जीत हुई है। उन्होंने कहा कि इसके साथ ही ईडी और केंद्र सरकार की पोल खुल गयी है। उनकी रिहाई से सिर्फ कांग्रेस कार्यकर्ता नहीं बल्कि आम जनमानस में भी खुशी है।

वहीं पूर्व मंत्री आलमगीर आलम ने पत्रकारों से बातचीत में कहा कि कठिन समय में पार्टी नेताओं, कार्यकर्ताओं और शुभचिंतकों ने उनको जो समर्थन-सहयोग दिया जिससे उनका मनोबल कभी नहीं टूटा। वह आज उन सभी लोगों का आभार प्रकट करते हैं। उन्होंने खुद को निर्दोष बताते हुए कहा कि न्यायिक प्रक्रिया पर उनका भरोसा है और वह कानून का सम्मान करते हैं।

आलमगीर आलम ने अपने आगे की राजनीतिक प्लान को लेकर कहा कि उनकी तबीयत ठीक नहीं है, पहले कुछ दिन स्वास्थ्य लाभ करने के बाद आगे की बात मीडिया से साझा करेंगे।

उल्लेखनीय है कि करीब ०2 साल से आलमगीर आलम जेल में बंद थे। ईडी ने उन्हें 15 मई 2024 को गिरफ्तार किया था। गिरफ्तारी से पहले आलमगीर आलम के ओएसडी संजीव लाल और उनके नौकर सहित ठेकेदार और कांट्रेक्टर के ठिकाने पर ईडी ने छह मई 2024 को छापेमारी की थी। छापेमारी में संजीव लाल के नौकर जहांगीर आलम के ठिकाने से 32 करोड़ से अधिक कैश, ठेकेदार मुन्ना सिंह के यहां से 2.93 करोड़ और कांट्रेक्टर राजीव सिंह के ठिकाने से 2.14 करोड़ रूपये ईडी ने बरामद किया था।

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हिन्दुस्थान समाचार / विकाश कुमार पांडे

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