सफेद चादर में लपेटकर वांगचुक को उठाना, निदंनीय : सुप्रियो
रांची, 18 जुलाई (हि.स.)। झारखंड मुक्ति मोर्चा (झामुमो) के केंद्रीय महासचिव सुप्रियो भट्टाचार्य ने लद्दाख के शिक्षाविद और सामाजिक कार्यकर्ता सोनम वांगचुक को आमरण अनशन स्थल से दिल्ली पुलिस की ओर से हटाए जाने की कार्रवाई की आलोचना की है।
उन्होंने कहा कि वांगचुक को सफेद चादर की आड़ में जिस तरह जबरन उठाकर ले जाया गया, वह आपत्तिजनक है। भट्टाचार्य शनिवार को मोर्चा के प्रदेश कार्यालय में संवादाताओं को संबोधित कर रहे थे।
सुप्रियो भट्टाचार्य ने कहा कि वांगचुक के आमरण अनशन के क्रम में उनकी सेहत को लेकर दिल्ली उच्च न्यायालय ने दिशा-निर्देश दिया था। यदि सरकार को वास्तव में उनके स्वास्थ्य की चिंता थी, तो पहले 20 दिनों तक कोई पहल क्यों नहीं की गई। उन्होंने आरोप लगाया कि बड़ी संख्या में पुलिस बल तैनात कर ऐसी कार्रवाई की गई, मानो किसी दुर्दांत अपराधी के खिलाफ अभियान चलाया जा रहा हो।
लेकिन वांगचुक को जिस तरह सफेद चादर में ढंककर ले जाया गया वह आपत्तिजनक है। यह लोकतंत्र की गरिमा और नागरिक अधिकारों के सम्मान के विपरीत है। उन्होंने आरोप लगाया कि केंद्र सरकार असहमति की आवाजों को दबाने का प्रयास कर रही है और संवैधानिक संस्थाओं को कमजोर करने की दिशा में बढ़ रही है। झामुमो नेता ने कहा कि लोकतंत्र, संविधान और नागरिक अधिकारों की रक्षा के लिए उनकी पार्टी हर लोकतांत्रिक मंच पर संघर्ष जारी रखेगी और किसी भी चुनौती का मजबूती से सामना करेगी।
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हिन्दुस्थान समाचार / Manoj Kumar

