झारखंड शराब घोटाला: ईडी के समन पर पेश नहीं हुए रोहित उरांव, तीन सप्ताह का समय मांगा
रांची, 29 जून (हि.स.)। झारखंड के शराब घोटाले की जांच में सोमवार को नया घटनाक्रम सामने आया। राज्य के पूर्व वित्त मंत्री रामेश्वर उरांव के बेटे रोहित उरांव प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) के समन के बावजूद रांची स्थित क्षेत्रीय कार्यालय में पूछताछ के लिए उपस्थित नहीं हुए। उन्होंने और उनके पिता रामेश्वर उरांव ने जांच में शामिल होने के लिए तीन सप्ताह का अतिरिक्त समय मांगा है। फिलहाल इस अनुरोध पर ईडी ने कोई अंतिम निर्णय नहीं लिया है और मामला एजेंसी के वरिष्ठ स्तर पर विचाराधीन है।
ईडी ने शराब घोटाले से जुड़े धनशोधन (मनी लॉन्ड्रिंग) मामले में रोहित उरांव को 29 जून को पूछताछ के लिए तलब किया था। वहीं, पूर्व वित्त मंत्री रामेश्वर उरांव को 30 जून को पूछताछ के लिए बुलाया गया है।
यह मामला झारखंड की नई उत्पाद नीति-2022 के क्रियान्वयन में कथित अनियमितताओं से जुड़ा है। इससे पहले राज्य की भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो (एसीबी) ने आबकारी नीति में गड़बड़ी के आरोपों को लेकर एफआईआर (कांड संख्या 09/2025) दर्ज की थी। इसी एफआईआर को आधार बनाकर ईडी ने धनशोधन निवारण अधिनियम (पीएमएलए) के तहत ईसीआईआर संख्या 10/2025 दर्ज कर जांच शुरू की।
जांच एजेंसी का कहना है कि वह अवैध वित्तीय लेनदेन (मनी ट्रेल) की कड़ियों को जोड़ने के लिए दस्तावेजों, बैंक लेनदेन और डिजिटल साक्ष्यों का मिलान कर रही है।
गौरतलब है कि 23 अगस्त 2023 को ईडी ने रांची, धनबाद, गिरिडीह, देवघर, दुमका, गोड्डा, जामताड़ा और कोलकाता समेत 32 ठिकानों पर छापेमारी की थी। इस दौरान रोहित उरांव के रांची स्थित आवास से 30 लाख रुपये नकद बरामद होने का दावा किया गया था।
ईडी को संदेह है कि झारखंड में नई उत्पाद नीति लागू होने के दौरान छत्तीसगढ़ की कुछ कंपनियों को शराब आपूर्ति और मैनपावर सप्लाई का काम दिलाने में प्रभावशाली लोगों की भूमिका रही। जांच एजेंसी विशेष रूप से छत्तीसगढ़ की श्री ओम साई बेवरेजेज प्रा. लि. को झारखंड में ठेका दिलाने में रोहित उरांव की संभावित भूमिका की जांच कर रही है।
जांच के दौरान यह भी आरोप सामने आए हैं कि नई उत्पाद नीति कथित रूप से छत्तीसगढ़ मॉडल के आधार पर तैयार की गई, टेंडर की शर्तों में बदलाव कर कुछ कंपनियों को लाभ पहुंचाया गया तथा नकली होलोग्राम के जरिए अवैध शराब की बिक्री कर भारी कमीशन वसूला गया। हालांकि, इन आरोपों की जांच अभी जारी है और ईडी वित्तीय लेनदेन से जुड़े सभी तथ्यों की पड़ताल कर रही है।
मामले में अब जांच एजेंसी के अगले कदम और रोहित उरांव तथा रामेश्वर उरांव की पूछताछ की नई तारीख पर सभी की नजर बनी हुई है।--------------
हिन्दुस्थान समाचार / विकाश कुमार पांडे

