उर्सलाइन कॉन्वेंट में पेंटिंग प्रतियोगिता के साथ नेत्रदान जागरूकता सेमिनार

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उर्सलाइन कॉन्वेंट में पेंटिंग प्रतियोगिता के साथ नेत्रदान जागरूकता सेमिनार


रांची, 26 अगस्त (हि.स.)।

राष्ट्रीय 41 वें नेत्रदान पखवाड़ा के तहत बुधवार को उर्सलाइन कॉन्वेंट स्कूल, रांची में पेंटिंग प्रतियोगिता और नेत्रदान जागरूकता सेमिनार का आयोजन किया गया।

25 अगस्त से आठ सितंबर 2026 तक चलने वाले नेत्रदान पखवाड़े के अवसर पर कार्यक्रम का आयोजन राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन झारखंड, कश्यप मेमोरियल आई बैंक और आई डोनेशन अवेयरनेस क्लब के संयुक्त तत्वावधान में किया गया। प्रतियोगिता में स्कूल की छात्राओं ने भाग लेकर अपनी कलाकृतियों के माध्यम से नेत्रदान का संदेश दिया।

कार्यक्रम में बतौर मुख्य अतिथि एनएचएम के मिशन डायरेक्टर शशि प्रकाश झा ने कहा कि मृत्यु के बाद नेत्रदान के लिए परिजनों को प्रेरित करने और उन्हें भावनात्मक सहयोग देने के लिए अस्पतालों में प्रशिक्षित ग्रीफ काउंसलर्स एवं आई डोनेशन कोऑर्डिनेटर्स की तैनाती को प्राथमिकता दी जाएगी। उन्होंने कहा कि मृत्यु के चार से छह घंटे के भीतर कॉर्निया प्राप्त करने के लिए हेल्पलाइन और त्वरित प्रतिक्रिया टीम नेटवर्क को मजबूत किया जाएगा। नेत्र रोग विशेषज्ञ डॉ भारती कश्यप ने कहा कि जानकारी के अभाव में लोग नेत्रदान को लेकर कई भ्रांतियों से ग्रसित हैं। उन्होंने कहा कि उम्र, लिंग और ब्लड ग्रुप की बाध्यता नहीं है। मोतियाबिंद सहित कई आंखों की सर्जरी के बाद भी नेत्रदान संभव है। प्रक्रिया के बाद चेहरे की विकृति नहीं होती और इसे सामान्यतः 15-20 मिनट में पूरा किया जा सकता है। घर पर मृत्यु होने की स्थिति में भी निर्धारित समय में आई बैंक की टीम प्रक्रिया कर सकती है। अंगों की खरीद-बिक्री गैरकानूनी है। डॉ निधि गडकर कश्यप ने बताया कि 2019 से कश्यप मेमोरियल आई हॉस्पिटल में 500 से अधिक कॉर्नियल ट्रांसप्लांट किए जा चुके हैं। उन्होंने कहा कि एक व्यक्ति का नेत्रदान दो कॉर्नियल दृष्टिहीन लोगों के जीवन में रोशनी ला सकता है।

सेमिनार में डॉ राहुल किशोर सिंह, अनिमा किस्कु और प्राचार्या सिस्टर मेरी ग्रेस सहित अन्य लोग मौजूद थे।

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हिन्दुस्थान समाचार / Manoj Kumar

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