रिम्स में आयोजित कार्यशाला में बोले विशेषज्ञ, दवा के साइड इफेक्ट होने पर उसकी रिपोर्टिंग बेहद जरूरी
रांची, 21 सितंबर (हि.स.)। राजेंद्र आयुर्विज्ञान संस्थान (रिम्स) में सोमवार को राष्ट्रीय फार्माकोविजिलेंस सप्ताह पर फार्माकोलॉजी विभाग की ओर से कार्यशाला आयोजित की गई।
कार्यशाला में दवाओं के इस्तेमाल से होने वाले प्रतिकूल प्रभावों, उनकी पहचान और समय पर रिपोर्ट करने के तरीकों की जानकारी दी गई। कार्यक्रम की अध्यक्षता फार्माकोलॉजी विभागाध्यक्ष प्रोफेसर डॉ आभा कुमारी ने की।
रिम्स निदेशक प्रो डॉ डीके सिन्हा ने दीप प्रज्ज्वलित कर कार्यशाला का उद्घाटन किया। इस अवसर पर विशेषज्ञों ने बताया कि किसी दवा के सेवन के बाद मरीज को नुकसान या साइड इफेक्ट होने पर उसकी समय पर पहचान और रिपोर्टिंग बेहद जरूरी है। इससे दवाओं की सुरक्षा संबंधी जानकारी जुटाने और मरीजों की सुरक्षा बेहतर करने में मदद मिलती है। प्रतिभागियों को फार्माकोविजिलेंस की प्रक्रिया और दवाओं के प्रतिकूल प्रभावों की रिपोर्टिंग के बारे में विस्तार से बताया गया। कार्यशाला में लोगों से डॉक्टर की सलाह के अनुसार ही दवाओं का इस्तेमाल करने की अपील की गई।
कार्यक्रम के अंत में नुक्कड़ नाटक में शामिल प्रतिभागियों और रंगोली प्रतियोगिता के विजेताओं को प्रमाण-पत्र देकर सम्मानित किया गया।
इस अवसर पर रिम्स के डीन प्रोफेसर डॉ राजीव मिश्रा, चिकित्सा अधीक्षक प्रोफेसर डॉ हिरेंद्र बिरूआ, डीन रिसर्च सह निदेशक चिकित्सा शिक्षा प्रोफेसर, डॉ प्रदीप कुमार भट्टाचार्या सहित विभिन्न विभागों के विभागाध्यक्ष, चिकित्सक और मेडिकल छात्र-छात्राएं मौजूद थे।
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हिन्दुस्थान समाचार / Manoj Kumar

