राष्ट्रीय हितधारक परामर्श में औद्योगिक झारखंड को अग्रणी निवेश गंतव्य बनाने पर जोर

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राष्ट्रीय हितधारक परामर्श में औद्योगिक झारखंड को अग्रणी निवेश गंतव्य बनाने पर जोर


रांची, 10 जुलाई (हि.स.)। नई दिल्ली के होटल ताज पैलेस में आयोजित दो दिवसीय राष्ट्रीय हितधारक परामर्श 2026 के दूसरे दिन औद्योगिक विकास एवं निवेश को लेकर विस्तृत विचार-विमर्श किया गया। औद्योगिक संवर्धन एवं निवेश विषय पर आयोजित इस उच्चस्तरीय सत्र में नीति-निर्माताओं, उद्योग जगत के प्रतिनिधियों, निवेशकों तथा विकास साझेदारों ने भाग लिया और झारखंड को देश के अग्रणी औद्योगिक निवेश गंतव्य के रूप में स्थापित करने के लिए महत्वपूर्ण सुझाव साझा किए।

इस सत्र की अध्यक्षता उद्योग, श्रम, नियोजन, प्रशिक्षण एवं कौशल विकास विभाग के मंत्री संजय प्रसाद यादव ने की। उन्होंने राज्य सरकार की निवेशकों के अनुकूल वातावरण विकसित करने की प्रतिबद्धता को रेखांकित करते हुए कहा कि झारखंड प्रगतिशील नीतियों, कुशल मानव संसाधन तथा विश्वस्तरीय आधारभूत संरचना के माध्यम से औद्योगिक विकास को नई गति देने के लिए प्रतिबद्ध है।

मुख्यमंत्री सचिवालय की ओर से शुक्रवार को प्रेस विज्ञप्ति जारी कर कहा कि परिचर्चा के दौरान झारखंड के औद्योगिक पारिस्थितिकी तंत्र को सुदृढ़ बनाने के लिए ईज ऑफ डूइंग बिजनेस को और बेहतर करने, निजी निवेश आकर्षित करने, औद्योगिक अवसंरचना का विस्तार करने, क्षेत्र-विशिष्ट निवेश अवसरों को बढ़ावा देने तथा भविष्य की आवश्यकताओं के अनुरूप कुशल कार्यबल तैयार करने पर विशेष बल दिया गया। साथ ही सार्वजनिक-निजी भागीदारी को मजबूत करने, सतत औद्योगिकीकरण को गति देने तथा राज्य के प्राकृतिक संसाधनों और रणनीतिक भौगोलिक स्थिति का बेहतर उपयोग कर दीर्घकालिक आर्थिक विकास सुनिश्चित करने पर भी चर्चा हुई।

विशेषज्ञों ने खनन, विनिर्माण, इस्पात, खाद्य प्रसंस्करण, लॉजिस्टिक्स तथा उभरते औद्योगिक क्षेत्रों में झारखंड की अपार संभावनाओं को रेखांकित करते हुए नीति की स्थिरता, नवाचार, तकनीक के उपयोग तथा परियोजनाओं के शीघ्र क्रियान्वयन की आवश्यकता पर बल दिया, ताकि झारखंड देश के सबसे पसंदीदा निवेश स्थलों में शामिल हो सके।

विचार-विमर्श का समापन सरकार एवं उद्योग जगत के प्रतिनिधियों की इस साझा प्रतिबद्धता के साथ हुआ कि सभी हितधारक मिलकर झारखंड को वैश्विक स्तर पर प्रतिस्पर्धी औद्योगिक केंद्र बनाने की दिशा में कार्य करेंगे। इस सत्र से प्राप्त सुझाव राज्य की दीर्घकालिक औद्योगिक विकास रणनीति को मजबूत करने के साथ-साथ भारत की विकास यात्रा में झारखंड की भूमिका को और सशक्त करेंगे।

इस अवसर पर मंत्री संजय प्रसाद यादव ने कहा कि इन दोनों क्षेत्रों उद्योग और पर्यटन के माध्यम से हमारी तथा मुख्यमंत्री की स्पष्ट सोच है कि झारखंड में ही ऐसे अवसर सृजित किए जाएँ, जिससे राज्य के लोगों को रोजगार और आजीविका के लिए दूसरे राज्यों का रुख न करना पड़े। पर्यटन के क्षेत्र में देश के कई राज्यों ने उल्लेखनीय कार्य किया है और हम इस दिशा में कुछ पीछे रहे हैं। मुख्यमंत्री के नेतृत्व में राज्य सरकार झारखंड की अपार संभावनाओं को साकार करने तथा पर्यटन एवं औद्योगिक विकास के माध्यम से नए अवसर सृजित करने के लिए निरंतर प्रयासरत है। उद्योग को राज्य की आवश्यकता है और राज्य को उद्योग की। सरकार और उद्योग जगत की मजबूत साझेदारी से ही निवेश बढ़ेगा, रोजगार के अवसर सृजित होंगे और समावेशी एवं सतत आर्थिक विकास का मार्ग प्रशस्त होगा। इस परिचर्चा का संचालन उद्योग, खान एवं भू-तत्व विभाग के सचिव अरवा राजकमल ने किया।

पैनल में वी. के. शर्मा (उपाध्यक्ष, जिंदल समूह), सिद्धार्थ रूंगटा (अध्यक्ष, रूंगटा समूह), निवृति राय (प्रबंध निदेशक, इन्वेस्ट इंडिया), सुंदर रमन (उपाध्यक्ष, टाटा स्टील) तथा देवयानी खंखोजे (प्रेसिडेंट–कॉरपोरेट अफेयर्स, वरुण बेवरेजेज लिमिटेड) ने अपने विचार साझा किए। इस अवसर पर मंत्री दीपिका पांडेय सिंह, मंत्री संजय प्रसाद यादव, मंत्री सुदिव्य कुमार, मंत्री इरफान अंसारी , मंत्री शिल्पी नेहा तिर्की उपस्थित रहीं।

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हिन्दुस्थान समाचार / विकाश कुमार पांडे

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