परीक्षा सुधार और शैक्षणिक मूल्यांकन समिति की बैठक में पारदर्शी मूल्यांकन प्रणाली विकसित करने पर बल

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परीक्षा सुधार और शैक्षणिक मूल्यांकन समिति की बैठक में पारदर्शी मूल्यांकन प्रणाली विकसित करने पर बल


रांची, 06 अगस्त (हि.स.)। रांची विश्वविद्यालय में कुलपति प्रो सरोज शर्मा की ओर से राष्ट्रीय शिक्षा नीति (एनईपी-2020) के प्रभावी क्रियान्वयन के उद्देश्य से गठित परीक्षा सुधार एवं शैक्षणिक मूल्यांकन समिति की महत्वपूर्ण बैठक गुरुवार को मोरहाबादी परिसर स्थित शैक्षणिक भवन के कॉन्फ्रेंस हॉल में आयोजित की गई।

बैठक की अध्यक्षता कुमाऊं विश्वविद्यालय के कुलपति और समिति के अध्यक्ष प्रो दीवान एस रावत ने की।

बैठक में इन्द्रप्रस्थ विश्वविद्यालय, नई दिल्ली के परीक्षा नियंत्रक प्रो गुलशन धमीजा, किरोड़ीमल कॉलेज, दिल्ली के डॉ अमित सुमन, आरएलएसवाई कॉलेज, रांची के प्रभारी प्राचार्य डॉ विष्णु चरण महतो, राष्ट्रीय मुक्त विद्यालयी शिक्षा संस्थान (नीओस), नोएडा के निदेशक (व्यावसायिक) एवं निदेशक (मूल्यांकन) डॉ टीएन गिरी सहित अन्य उपस्थित थे।

इस अवसर पर रांची विश्वविद्यालय की कुलपति प्रो सरोज शर्मा ने सभी विशेषज्ञ सदस्यों का स्वागत करते हुए कहा कि नई शिक्षा नीति के अनुरूप पारदर्शी, छात्र-केंद्रित और गुणवत्तापूर्ण परीक्षा प्रणाली का विकास समय की आवश्यकता है। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि समिति की अनुशंसाएं विश्वविद्यालय की परीक्षा और मूल्यांकन व्यवस्था को और अधिक प्रभावी एवं उत्कृष्ट बनाएंगी।

बैठक में विश्वविद्यालय की वर्तमान परीक्षा प्रणाली, सतत् एवं व्यापक मूल्यांकन, आंतरिक मूल्यांकन और सेमेस्टर अंत परीक्षा व्यवस्था की विस्तृत समीक्षा की गई।

परीक्षा प्रक्रिया में पारदर्शिता, दक्षता और निष्पक्षता पर विचार

समिति ने परीक्षा प्रक्रिया में पारदर्शिता, दक्षता, निष्पक्षता, समयबद्धता तथा शैक्षणिक उत्कृष्टता सुनिश्चित करने के लिए विभिन्न सुधारात्मक सुझावों पर विचार-विमर्श किया। साथ ही राष्ट्रीय शिक्षा नीति-2020 के अनुरूप आउटकम आधारित शिक्षा, अकादमिक बैंक ऑफ क्रेडिट (एबीसी), क्रेडिट मोबिलिटी, बहुविषयक शिक्षा और आधुनिक मूल्यांकन पद्धतियों को और सुदृढ़ बनाने पर बल दिया गया।

समिति ने विश्वविद्यालय में विभिन्न सत्रों के पाठ्यक्रमों में हुए परिवर्तनों, पूर्णांक संरचना में संशोधनों और परीक्षा प्रणाली से संबंधित व्यावहारिक चुनौतियों पर भी विस्तार से चर्चा की एवं विद्यार्थियों के हितों को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए एक अधिक सुगम, पारदर्शी एवं उत्तरदायी मूल्यांकन प्रणाली विकसित करने की आवश्यकता पर बल दिया।

बैठक का समापन इस विश्वास के साथ हुआ कि समिति की ओर से प्रस्तुत अनुशंसाएं रांची विश्वविद्यालय की परीक्षा और शैक्षणिक मूल्यांकन प्रणाली को राष्ट्रीय शिक्षा नीति-2020 की भावना के अनुरूप अधिक पारदर्शी, नवाचारोन्मुखी, विद्यार्थी-केंद्रित एवं गुणवत्ता-संपन्न बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगी।

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हिन्दुस्थान समाचार / Vinod Pathak

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