रांची में नशा मुक्ति पर जागरूकता कार्यक्रम, छात्रों को ड्रग्स से दूर रहने का संदेश

WhatsApp Channel Join Now
रांची में नशा मुक्ति पर जागरूकता कार्यक्रम, छात्रों को ड्रग्स से दूर रहने का संदेश


रांची, 18 अप्रैल (हि.स.)। रांची के छोटानागपुर लॉ कॉलेज में शनिवार को छात्र-छात्राओं के लिए नशा मुक्ति को लेकर एक जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन किया गया। यह कार्यक्रम झारखंड राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण (झालसा) के तत्वावधान में “डॉन अभियान” के तहत आयोजित हुआ।

कार्यक्रम का आयोजन न्यायामूर्ति सह कार्यपालक अध्यक्ष सुजीत नारायण प्रसाद के दिशा-निर्देश और सदस्य सचिव कुमारी रंजना अस्थाना तथा न्यायायुक्त सह अध्यक्ष अनिल कुमार मिश्रा के मार्गदर्शन में किया गया।

कार्यक्रम के दौरान डिप्टी एलएडीसी राजेश कुमार सिन्हा ने भारतीय संविधान के अनुच्छेद 47 की जानकारी देते हुए कहा कि नशीले पदार्थों जैसे अफीम या पोस्ता के उत्पादन अथवा कब्जे पर एनडीपीएस अधिनियम 1985 के तहत कड़ी सजा का प्रावधान है। उन्होंने बताया कि मात्रा के आधार पर दोषी को 20 साल तक का कठोर कारावास और दो लाख रुपये तक का जुर्माना हो सकता है।

उन्होंने यह भी बताया कि सेंट्रल इंस्टीट्यूट ऑफ साइकियाट्री और रिनपास में जिला विधिक सेवा प्राधिकार के लीगल एड क्लिनिक संचालित हैं, जहां नशे के आदी लोगों का इलाज और परामर्श किया जाता है। साथ ही उन्होंने राष्ट्रीय विधिक सेवा प्राधिकरण के टोल-फ्री नंबर 15100 की जानकारी भी साझा की।

कार्यक्रम में लाइफ सेवर्स एनजीओ के प्रमुख अतुल गेरा ने कहा कि नशा देश को भीतर से कमजोर कर रहा है और युवाओं को इसका सबसे ज्यादा नुकसान हो रहा है। उन्होंने छात्रों से अपील की कि वे किसी भी प्रकार के लालच में आकर ड्रग्स के जाल में न फंसें। उन्होंने चेतावनी दी कि नशा व्यक्ति के तन, मन और धन तीनों को नुकसान पहुंचाता है और अंततः अपराध की ओर ले जाता है।

वहीं नारकोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो के अधिकारी संजीत कुमार ने कहा कि झारखंड में नशे की समस्या से निपटने में एनसीबी की महत्वपूर्ण भूमिका है। उन्होंने बताया कि गृह मंत्रालय द्वारा हाल ही में “मानस हेल्पलाइन” (टोल-फ्री नंबर 1933) जारी की गई है, जिस पर मादक पदार्थों के सेवन या तस्करी से जुड़ी जानकारी दी जा सकती है।

इसके अलावा सीआईडी के रिजवान अंसारी ने मादक पदार्थों की तस्करी के तरीकों और इसमें युवाओं के इस्तेमाल पर प्रकाश डालते हुए छात्रों को सतर्क रहने की सलाह दी।

कार्यक्रम में सहायक एलएडीसी पंकज कुमार शर्मा, एनसीबी के शारिक उमर, असिस्टेंट डायरेक्टर गौरव सिंह सहित अन्य अधिकारी, शिक्षक-शिक्षिकाएं, छात्र-छात्राएं और पीएलवी सदस्य भी उपस्थित रहे।

कार्यक्रम के अंत में वक्ताओं ने एक स्वर में कहा कि नशा मुक्ति के लिए समाज के हर वर्ग को मिलकर जागरूकता फैलानी होगी, तभी एक स्वस्थ और सुरक्षित समाज का निर्माण संभव है।-------------

हिन्दुस्थान समाचार / Vinod Pathak

Share this story