विश्व हिन्दी दिवस पर नाटक और काव्यपाठ ने बांधा समां
रांची, 14 जनवरी (हि.स.)। भारतीय रिज़र्व बैंक (आरबीआई), रांची कार्यालय की ओर से बुधवार को विश्व हिन्दी दिवस का आयोजन किया गया। कार्यक्रम की शुरूआत आरबीआई के क्षेत्रीय निदेशक प्रेम रंजन प्रसाद सिंह और विशिष्ट अतिथियों ने संयुक्त रूप से संपन्न किया।
समारोह की शुरुआत पुरस्कृत कथा-नाटक न खोली गई चिट्ठी के मंचन से हुई। यह प्रस्तुति माता-पिता और संतान के भावनात्मक संबंधों पर आधारित थी, जिसमें प्रेम, उपेक्षा और संवेदना की गहराई को मार्मिक ढंग से उकेरा गया।
उपस्थित दर्शकों ने नाटक के संदेश को हृदय से महसूस किया और प्रस्तुति की सराहना की।
इसके बाद आयोजित काव्यपाठ और विश्व हिन्दी और हिन्दी के वैश्विक परिदृश्य विषयक संवाद ने कार्यक्रम को बौद्धिक ऊंचाई दी।
इस अवसर पर प्रख्यात अभिनेता और रंगकर्मी राजेन्द्र गुप्ता ने अपनी वाणी, अभिव्यक्ति और विचारों से श्रोताओं को मंत्रमुग्ध कर दिया। उन्होंने हिन्दी भाषा के विस्तार, उपयोगिता और वैश्विक महत्व पर सारगर्भित विचार रखा।
इस अवसर पर क्षेत्रीय निदेशक सिंह ने कहा कि हिन्दी केवल संचार की भाषा नहीं, बल्कि सांस्कृतिक धरोहर, ज्ञान परंपरा और वैश्विक संवाद का सशक्त माध्यम है। नागपुर में 1975 में आयोजित प्रथम विश्व हिन्दी सम्मेलन से शुरू हुई यात्रा ने हिन्दी को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर प्रतिष्ठित किया है। उन्होंने कहा कि साहित्य, मंच, संगीत और सिनेमा ने हिन्दी को विश्व पटल पर पहचाना है और आधुनिक डिजिटल युग में यह यात्रा और भी गतिशील हो गई है।
कार्यक्रम में आयोजित संगीत संध्या में विख्यात गायिका चंदन तिवारी और उनकी टीम ने लोक-संगीत और आधुनिक हिन्दी गीतों की प्रस्तुति दी। सुरों और लय ने श्रोताओं को बांधे रखा और सभागार तालियों से गूंज उठा।
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हिन्दुस्थान समाचार / Vinod Pathak

