झारखंड सरकार ने औद्योगिक निवेश और टेक्सटाइल नीति-2026 का ड्राफ्ट किया जारी, मांगे सुझाव

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झारखंड सरकार ने औद्योगिक निवेश और टेक्सटाइल नीति-2026 का ड्राफ्ट किया जारी, मांगे सुझाव


रांची, 05 जुलाई (हि.स.)। झारखंड में औद्योगिक विकास को नई गति देने और निवेश के अनुकूल माहौल तैयार करने की दिशा में राज्य सरकार ने अहम पहल की है। उद्योग निदेशालय ने झारखंड टेक्सटाइल, परिधान एवं फुटवियर नीति-2026 तथा झारखंड औद्योगिक निवेश प्रोत्साहन नीति-2026 का प्रारूप (ड्राफ्ट) सार्वजनिक कर दिया है। सरकार ने दोनों प्रस्तावित नीतियों पर उद्योग जगत, विशेषज्ञों, निवेशकों और आम नागरिकों से सुझाव एवं प्रतिक्रियाएं आमंत्रित की हैं, ताकि व्यापक परामर्श के बाद इन्हें अंतिम रूप दिया जा सके।

दोनों नीतियों के विस्तृत प्रारूप झारखंड सिंगल विंडो पोर्टल पर उपलब्ध कराए गए हैं। सरकार का उद्देश्य नीति निर्माण की प्रक्रिया में सभी संबंधित पक्षों की भागीदारी सुनिश्चित करना तथा प्राप्त सुझावों के आधार पर नीतियों को अधिक प्रभावी और व्यावहारिक बनाना है। प्रस्तावित नीतियों के माध्यम से घरेलू एवं वैश्विक निवेश आकर्षित करने, औद्योगिक आधार को मजबूत करने, रोजगार के अवसर सृजित करने तथा विशेष रूप से टेक्सटाइल, परिधान और फुटवियर उद्योगों को प्रोत्साहन देने पर जोर दिया गया है।

इसी क्रम में आठ और नौ जुलाई को नई दिल्ली में राष्ट्रीय स्तर का हितधारक परामर्श कार्यक्रम आयोजित किया जाएगा। दो दिवसीय इस कार्यक्रम में देशभर के उद्योगपति, निवेशक, विनिर्माण क्षेत्र के प्रतिनिधि, टेक्सटाइल विशेषज्ञ, अर्थशास्त्री और विभिन्न औद्योगिक संगठनों के प्रतिनिधि भाग लेंगे। कार्यक्रम का उद्देश्य प्रस्तावित नीतियों पर विस्तृत चर्चा कर व्यवहारिक सुझाव प्राप्त करना और उद्योग जगत की अपेक्षाओं को समझना है।

नौ जुलाई को आयोजित विशेष फीडबैक सत्र की अध्यक्षता मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन करेंगे। इस दौरान उद्योग जगत के प्रतिनिधियों के साथ राज्य में निवेश की संभावनाओं, औद्योगिक चुनौतियों और प्रस्तावित नीतियों के विभिन्न पहलुओं पर चर्चा होगी। सरकार को उम्मीद है कि कार्यक्रम के दौरान कई महत्वपूर्ण समझौता ज्ञापनों (एमओयू) पर भी हस्ताक्षर होंगे, जिससे राज्य में औद्योगिक निवेश को बढ़ावा मिलेगा।

सूचना एवं जनसंपर्क निदेशालय की ओर से जारी प्रेस विज्ञप्ति में कहा गया है कि ड्राफ्ट नीतियों को सार्वजनिक करना सरकार की पारदर्शी एवं सहभागी नीति निर्माण प्रक्रिया का हिस्सा है। इससे अंतिम कैबिनेट मंजूरी से पहले विभिन्न हितधारकों के सुझावों को शामिल कर नीतियों को और अधिक प्रभावी तथा निवेशक-अनुकूल बनाया जा सकेगा।

उद्योग निदेशालय के अनुसार, प्रस्तावित नीतियां झारखंड में औद्योगिक निवेश को प्रोत्साहित करने, विनिर्माण क्षेत्र को मजबूत करने तथा राज्य को औद्योगिक विकास के नए अवसर उपलब्ध कराने की दिशा में महत्वपूर्ण पहल हैं।------------

हिन्दुस्थान समाचार / विकाश कुमार पांडे

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