दिसोम ज़ाहेर थान से धूमधाम से मना दिसोम बाहा पोरोब

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दिसोम ज़ाहेर थान से धूमधाम से मना दिसोम बाहा पोरोब


दुमका, 01 मार्च (हि.स.)। दिसोम जाहेर थान में दिसोम मांझी बाबा बीनीलाल टुडू के नेतृत्व में दिसोम नायकी बाबा सीताराम सोरेन के अगुवाई में दिसोम बाहा पर्व धूमधाम से मनाया गया। सुबह आठ बजे नायकी बाबा स्नान कर दिसोम ज़ाहेर थान में अपने मरांग बुरू भक्तों के साथ जाहेर ऐरा, गोसाई ऐरा, ठाकुर जी, मोड़ेंकु तुरूयकु, मरांग बुरू सहित अन्य इष्ट देवताओं के नाम पूजा अर्चना करते हुए मुर्गा का बलि दिया गया। इसके बाद बलि दिया गया मुर्गा का खिचड़ी बनाकर प्रसाद के रूप में ग्रहण किया गया।

साथ ही पूरे हर्षौल्लास व धूमधाम के साथ बाहा गीतों पर बाहा नृत्य किया गया। नायकी बाबा सीताराम सोरेन ने कहा कि बाहा संताल समुदाय का दूसरा सबसे बड़ा और पवित्र त्योहार है, जो फागुन मास में मनाया जाता है। यह प्रकृति की पूजा का पर्व है। जिसका शाब्दिक अर्थ फूल होता है। जब पेड़ों पर नए पत्ते और सखुआ (साल) के फूल खिलते हैं। तब यह उत्सव शुरू होता है।

इस पर्व में संताल लोग नायकी पुजारी के नेतृत्व में पूजा स्थल जाहेर थान पर सखुआ और महुआ के फूलों से पूजा-अर्चना करते हैं। लोग एक-दूसरे पर शुद्ध पानी डालकर प्रेम और सद्भाव प्रकट करते हैं। यह त्योहार मनुष्य और प्रकृति के अटूट संबंध को दर्शाता है। बाहा पर्व में संताल परगना के विभिन्न हिस्सों से आतो मोड़ें होड़ और मरांग बुरू भक्त शामिल हुए।

साथ ही आसपास के गांव और विभिन्न कल्याण छात्रावास में रह रहे छात्रों की भूमिका भी अहम रही। मौके पर चुंडा सोरेन सिपाही, टेकलाल मरांडी, अशोक हांसदा, इंद्रजीत हेम्ंब्रम, बी.डी किस्कू, चंद्रनाथ हेम्ब्रम, नीलेश हांसदा, रामप्रसाद हांसदा, मोहन टुडू, दशमत किस्कू, शिवकांत मुर्मू सहित अन्य शामिल रहे।

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हिन्दुस्थान समाचार / नीरज कुमार

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