फिल्म फेस्टिवल में आदिवासी सिनेमा और संस्कृति पर संवाद
रांची, 10 अगस्त (हि.स.)।
विश्व आदिवासी दिवस के अवसर पर झारखंड फिल्म एवं टेलीविजन संस्थान की स्थापना की दिशा में पहल करते हुए रांची में दो दिवसीय फिल्म फेस्टिवल, मास्टरक्लास, आदिवासी फिल्मों की विशेष स्क्रीनिंग और परिचर्चा का आयोजन किया गया।
सूचना एवं जनसंपर्क विभाग की ओर से सोमवार को जारी प्रेस विज्ञप्ति में कहा गया कि दो दिनों के आयोजन में दर्शकों की सक्रिय भागीदारी रही। स्क्रीनिंग के बाद हुई परिचर्चाओं में दर्शकों ने फिल्मों के विषय और आदिवासी समाज के चित्रण से जुड़े सवालों पर चर्चा की। कार्यक्रम में सिनेमा के माध्यम से झारखंड की संस्कृति, पहचान, परंपरा, भाषा और सामाजिक सरोकारों पर संवाद हुआ। फिल्म फेस्टिवल में आदिवासी जीवन और समाज की विविधता को केंद्र में रखकर फिल्मों की स्क्रीनिंग की गई। प्रत्येक स्क्रीनिंग के बाद फिल्मों के कथ्य, निर्माण और सामाजिक प्रभाव पर चर्चा हुई। फिल्मकारों, विद्यार्थियों, कलाकारों, सिनेप्रेमियों और सिनेमा से जुड़े लोगों ने संवाद में हिस्सा लिया।
कार्यक्रम में शामिल विद्यार्थियों और सिनेमा से जुड़े लोगों ने कहा कि ऐसे आयोजन झारखंड में फिल्म संस्कृति को बढ़ावा देने के साथ स्थानीय प्रतिभाओं को मंच देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकते हैं।
आयोजन ने सार्थक और विषयपरक सिनेमा के प्रति रांची के दर्शकों की रुचि को भी सामने रखा।
आयोजन का प्रमुख आकर्षण मास्टरक्लास रहा, जिसमें प्रतिभागियों को फिल्म निर्माण की बारीकियों, कहानी कहने की तकनीक और सिनेमा के सामाजिक-सांस्कृतिक प्रभावों की जानकारी दी गई। जारी विज्ञप्ति के अनुसार, झारखंड में लंबे समय से फिल्म निर्माण और सिनेमा के लिए मजबूत मंच की आवश्यकता महसूस की जाती रही है। फिल्म एवं टेलीविजन संस्थान की स्थापना की दिशा में आयोजित यह कार्यक्रम इसी प्रयास का हिस्सा है।
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हिन्दुस्थान समाचार / Manoj Kumar

