महाविष्णु यज्ञ में भक्ति में डूबे श्रद्धालु
देवघर, 31 मई (हि.स.)। सारठ के चितरा कोलियरी स्थित दुखिया बाबा मंदिर प्रांगण में आयोजित नौ दिवसीय श्री श्री 1008 महाविष्णु यज्ञ के चौथे दिन पूरा चितरा क्षेत्र भक्ति, श्रद्धा और आध्यात्मिक वातावरण से सराबोर रहा।
तड़के सुबह से ही बड़ी संख्या में श्रद्धालु मंदिर परिसर पहुंचे और पूजा-अर्चना कर सुख, शांति एवं समृद्धि की कामना की। श्रद्धालुओं ने मंदिर परिसर स्थित विभिन्न देवी-देवताओं के मंदिरों में दर्शन-पूजन करने के बाद यज्ञशाला की परिक्रमा की तथा धार्मिक अनुष्ठानों में भाग लिया।
यज्ञशाला में वैदिक मंत्रोच्चार के बीच यज्ञाचार्य संजय मिश्रा, सुनील वल्लभ झा, राघवेंद्र मिश्रा, प्रमोद बलियासे, ललन जजवाड़े, नारायण पलिवार, रवि मठपती, गणपति खवारे, मानिक बलियासे, पिंकू मिश्रा, राजेश नरौने, सोनू मठपती, मोहनलाल नरौने, मनोज झा, अमित खवाड़े, पप्पू झा, विष्णु, सुमित कुमार, प्रकाश परिहार एवं गिरधारी बाबा सहित अन्य विद्वान पंडितों के जरिये मुख्य यजमान नित्यानंद राय एवं उनकी धर्मपत्नी के हाथों हवन एवं पूजन संपन्न कराया गया ।
रात्रि में मुख्य पंडाल में आयोजित सांस्कृतिक एवं धार्मिक कार्यक्रमों ने श्रद्धालुओं को भावविभोर कर दिया। वृंदावन धाम से पधारी कृष्ण लीला मंडली ने भगवान श्रीकृष्ण द्वारा गोवर्धन पर्वत धारण की लीला का मनमोहक मंचन प्रस्तुत किया। इसके साथ ही भगवान कृष्ण की अनन्य भक्त मीराबाई के प्रेम, भक्ति और समर्पण पर आधारित प्रसंगों का जीवंत चित्रण किया गया, जिसे श्रद्धालुओं ने अत्यंत श्रद्धा के साथ सुना और सराहा।
देर रात आयोजित बांग्ला बाउल संगीत कार्यक्रम में प्रसिद्ध बाउल गायक विकास दास एवं मौसमी दास ने अपनी मधुर प्रस्तुतियों से समां बांध दिया। कार्यक्रम की शुरुआत देवी वंदना से हुई, जिसके बाद कलाकारों ने श्री मधुसूदन, श्री गजानन आमी भजबो तुमारी चरण सहित कई लोकप्रिय बाउल गीत प्रस्तुत किए।
श्रद्धालु देर रात तक भक्ति संगीत की रसधारा में डूबे रहे। कार्यक्रम का सफल संचालन राजेश भारद्वाज ने किया। यज्ञ समिति के सदस्यों ने बताया कि महाविष्णु यज्ञ के दौरान प्रतिदिन धार्मिक अनुष्ठानों के साथ-साथ सांस्कृतिक एवं आध्यात्मिक कार्यक्रमों का आयोजन किया जा रहा है, जिससे क्षेत्र में भक्तिमय वातावरण बना हुआ है।
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हिन्दुस्थान समाचार / Anup Kumar Roy

