बाबा बैद्यनाथ के आशीर्वाद से पूरी हुई मन्नत, यमदूत बनकर पहुंचे भक्त
देवघर, 20 अगस्त (हि.स.)। देवाधिदेव महादेव के भक्तों की भक्ति और आस्था के रंग भी निराले हैं। श्रावणी मेला के दौरान लाखों श्रद्धालु कांवर लेकर बाबा बैद्यनाथ धाम पहुंच रहे हैं। कोई दंडी बम बनकर तो कोई घुटनों के बल यात्रा कर अपनी मन्नत पूरी कर रहा है। इसी क्रम में गुरुवार को कांवरिया पथ पर एक अनोखा भक्त लोगों के आकर्षण का केंद्र बना रहा, जो यमदूत का रूप धारण कर बाबा नगरी की ओर बढ़ रहा था।
किशनगंज, बिहार निवासी विक्की महतो ने बताया कि उन्होंने बाबा बैद्यनाथ से अपने घर में संतान सुख की मन्नत मांगी थी। उन्होंने संकल्प लिया था कि यदि उनके घर बच्चे की किलकारी गूंजती है, तो वह यमदूत का रूप धारण कर पैदल बाबा बैद्यनाथ धाम पहुंचकर जलार्पण करेंगे।
विक्की महतो के अनुसार, करीब 25 दिन पहले महादेव के आशीर्वाद से उनके घर पुत्र रत्न की प्राप्ति हुई। इसके बाद उन्होंने अपनी मन्नत पूरी करने के लिए यमदूत का रूप धारण कर कांवर यात्रा शुरू की और बाबा बैद्यनाथ के दरबार की ओर निकल पड़े।
उन्होंने बताया कि सुल्तानगंज से गंगाजल उठाने के बाद उनके इस स्वरूप को देखकर कई लोगों ने आपत्ति भी जताई। किसी ने इसे नाटक बताया तो किसी ने उन्हें पागल तक कह दिया। हालांकि, विक्की महतो का कहना है कि उन्हें इन बातों से कोई फर्क नहीं पड़ता।
उन्होंने कहा कि वे महादेव के भक्त हैं और उनके लिए यह यात्रा आस्था और संकल्प का विषय है। महादेव ने मेरी मन्नत पूरी की है, इसलिए मैंने भी अपने संकल्प के अनुसार यमदूत का रूप धारण कर बाबा धाम पहुंचने का फैसला किया।
कांवरिया पथ पर यमदूत के रूप में आगे बढ़ते विक्की महतो को देखने के लिए लोगों की भीड़ जुटती रही। उनका अनोखा रूप जहां लोगों के बीच चर्चा का विषय बना रहा, वहीं उनकी मन्नत और संकल्प ने श्रावणी मेले में भक्ति के एक अलग रंग को भी सामने रखा।
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हिन्दुस्थान समाचार / Anup Kumar Roy

