गोड्डा के देवगन मरांडी ने एमएमए में बनाई राष्ट्रीय-अंतरराष्ट्रीय पहचान, यूएफसी तक पहुंचना है लक्ष्य

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गोड्डा के देवगन मरांडी ने एमएमए में बनाई राष्ट्रीय-अंतरराष्ट्रीय पहचान, यूएफसी तक पहुंचना है लक्ष्य


गोड्डा, 07 जुलाई (हि.स.)। गोड्डा जिले के ललमटिया थाना क्षेत्र के नीमाकला गांव के युवा खिलाड़ी देवगन मरांडी ने मिक्स्ड मार्शल आर्ट्स (एमएमए) के क्षेत्र में राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अपनी प्रतिभा का दमदार प्रदर्शन कर जिले और राज्य का नाम रोशन किया है। महज 21 वर्ष की उम्र में उन्होंने कई प्रतिष्ठित प्रतियोगिताओं में उल्लेखनीय सफलता हासिल कर खेल जगत का ध्यान अपनी ओर आकर्षित किया है।

देवगन की खेल यात्रा दिल्ली में कठोर प्रशिक्षण के साथ शुरू हुई। इसके बाद उन्होंने छत्तीसगढ़ के रायपुर में आयोजित राष्ट्रीय स्तर की प्रतियोगिता में लगातार तीन मुकाबले जीतकर अपनी प्रतिभा का परिचय दिया। इसके बाद विभिन्न राष्ट्रीय प्रतियोगिताओं में हिस्सा लेते हुए उन्होंने अब तक खेले गए 14 एमएमए मुकाबलों में से 11 में जीत दर्ज कर अपनी मजबूत पहचान बनाई है।

करीब साढ़े तीन वर्षों के अपने करियर में देवगन ने 'इंडिया वर्सेस नेपाल' अंतरराष्ट्रीय मुकाबले में भारत का प्रतिनिधित्व भी किया। इसके अलावा कोलकाता में आयोजित एलिट कंटेंडर सीरीज-2 में उन्होंने प्रथम स्थान हासिल किया। इस प्रतियोगिता में मात्र 17 सेकंड में नॉकआउट जीत दर्ज कर उन्होंने अपनी आक्रामक शैली और तकनीकी दक्षता से सभी को प्रभावित किया।

हाल ही में आयोजित जिउ-जित्सू इंडिया नेशनल चैंपियनशिप-2025 में भी देवगन का प्रदर्शन शानदार रहा। उत्कृष्ट प्रदर्शन के आधार पर उन्हें 600 अंकों के साथ एशिया में 274वीं तथा भारत में 23वीं रैंक प्राप्त हुई, जो इस खेल में उनके निरंतर बढ़ते स्तर और उज्ज्वल भविष्य का संकेत है।

देवगन ने बताया कि वह अगले महीने बेंगलुरु में आयोजित होने वाली महत्वपूर्ण प्रतियोगिता में भाग लेंगे। इसके लिए वह नियमित प्रशिक्षण और विशेष तैयारी में जुटे हुए हैं। उन्होंने विश्वास जताया कि आगामी प्रतियोगिता में भी वह बेहतर प्रदर्शन करेंगे।

स्थानीय ग्रामीणों और उनके मित्रों के अनुसार, देवगन बचपन से ही खेल-कूद में रुचि रखते थे और विद्यालय स्तर की प्रतियोगिताओं में बढ़-चढ़कर हिस्सा लेते थे। पढ़ाई पूरी करने के बाद उनका सपना राष्ट्रीय रक्षा अकादमी (एनडीए) में शामिल होने का था, लेकिन चयन नहीं होने के बाद उन्होंने निराश होने के बजाय खेल को ही अपना करियर बनाने का निर्णय लिया। उनकी मेहनत और दृढ़ संकल्प का परिणाम आज राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर दिखाई दे रहा है।

देवगन मरांडी ने कहा कि उनका अंतिम लक्ष्य विश्व की सबसे प्रतिष्ठित मिक्स्ड मार्शल आर्ट्स संस्था यूएफसी में खेलना और चैंपियन बनकर देश का नाम रोशन करना है। उन्होंने कहा कि यदि सरकार और संबंधित खेल संस्थाओं से उचित प्रशिक्षण, संसाधन और आर्थिक सहयोग मिले, तो वे अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भारत का सफलतापूर्वक प्रतिनिधित्व करने के लिए पूरी तरह तैयार हैं।

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हिन्दुस्थान समाचार / रंजीत कुमार

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