साजिश के तहत एसआईआर के जरिए करोड़ों लोगों को किया गया मताधिकार से वंचित : प्रदीप

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साजिश के तहत एसआईआर के जरिए करोड़ों लोगों को किया गया मताधिकार से वंचित : प्रदीप


रांची, 05 नवंबर (हि.स.)। देश में सुनियोजित तरीके से साजिश के तहत मतदाता सूची के गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) के जरिए करोड़ों लोगों को मताधिकार से वंचित करके लोकतंत्र को कमजोर करने का कार्य किया गया है। यह बातें कांग्रेस विधायक दल के नेता प्रदीप यादव ने गुरुवार को कांग्रेस भवन में आयोजित संवाददाता सम्मेलन में कही।

उन्होंने कहा कि इस संबंध में गृह मंत्री अमित शाह और झारखंड के मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी को पत्र लिखा है। उन्होंने कहा कि जब से भारतीय जनता पार्टी के नेतृत्व में सत्ता में आयी है लोकतांत्रिक व्यवस्था को मजबूती और स्थायित्व देने वाली संस्थाओं को कमजोर करने का प्रयास किया गया है। सीबीआई, ईडी या आरबीआई के अलावा न्यायपालिका पर भी दबाव बनाने का प्रयास किया गया है। लेकिन अब तो पानी सिर के बह रहा है जो लोकतांत्रिक व्यवस्था का मूल आधार मताधिकार है, जिसे कमजोर करने का प्रयास किया गया है।

सत्ता में बैठी भारतीय जनता पार्टी को जब अहसास हुआ कि जनता का बहुमत मेरे साथ नहीं है तो बहुमत प्राप्त करने के लिए वोट चोरी के कई हथकंडे अपनाए गए। समय-समय पर नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी की ओर से भाजपा के इन हथकंडों का जब कलई खोला गया तो एसआईआर को प्रमुख हथियार बनाया गया।

उन्हों ने कहा कि यह परिवर्तन भाजपा वाली केंद्र सरकार ने वर्ष 2023 में शुरू किया। आज जनता इस परिवर्तन के कारणों को जानना चाहती है, लेकिन केंद्र इन प्रश्नों के उत्तर से भाग रहा है। वहीं केंद्र सरकार के पास इन प्रश्नों के सटीक उत्तर नहीं हैं।

प्रदीप यादव ने कहा कि दो मार्च 2023 को सर्वोच्च न्यायालय में अनुप वर्णवाल बनाम युनियन ऑफ़ इंडिया मामले में स्वतंत्र और निष्पक्ष चुनाव के लिए ऐतिहासिक निर्णय दिया। अदालत ने निर्देश दिया कि जबतक संसद नया कानून नहीं बनाती तब तक सीईसी और ईसीएस की नियुक्ति तीन सदस्यीय समिति की सिफारिश पर होगी। यह व्यवस्था न्यायपालिका के सहभागिता से राजनीतिक प्रभाव को कम करने और पारदर्शिता बढ़ाने के उद्देश्य से लागू की गई थी।

उन्होंने बताया कि झारखंड के परिप्रेक्ष्य में उन्होंने मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी (सीईओ) को पत्र लिखा है। इसमें उन्होंने अपने क्षेत्र के कुछ मतदाताओं के नाम को दिया है जिनका नाम एएसडीडी में डाला गया है, जबकि वे मतदाता आज बूथों पर उपस्थित हैं। साथ ही इन्यूिमेरेशन फॉर्म के बाद भी नाम सूचीबद्ध नहीं है, जबकि राज्य में कुल एक करोड़ सात लाख मतदाता सशंकित हैं कि मेरा नाम मतदाता सूची में रहेगा या नहीं।

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हिन्दुस्थान समाचार / Vinod Pathak

Livevns.news Desk
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