एल-नीनो से निपटने को लेकर किसानों को किया गया जागरूक

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एल-नीनो से निपटने को लेकर किसानों को किया गया जागरूक


देवघर, 07 जुलाई (हि.स.)। संभावित एल-नीनो के प्रभाव और इससे कृषि पर पड़ने वाले दुष्प्रभावों से किसानों को अवगत कराने के उद्देश्य से जिला प्रशासन संचालित कृषि विज्ञान केंद्र (केवीके) देवघर के प्रशिक्षण भवन में झारखंड सरकार के कृषि मंत्री की अध्यक्षता में ऑनलाइन जागरूकता अभियान आयोजित किया गया। कार्यक्रम का विषय कृषि तकनीक के माध्यम से कृषि पर एल-नीनो के प्रभाव के प्रबंधन के

लिए जागरूकता अभियान था।

बैठक में जानकारी दी गई कि इस वर्ष एल-नीनो के प्रभाव के कारण भीषण गर्मी के साथ सामान्य से 20 से 30 प्रतिशत कम वर्षा होने की संभावना है। ऐसे में किसानों के लिए समय रहते वैज्ञानिक खेती की तकनीकों को अपनाना और जल संरक्षण के उपाय करना अत्यंत आवश्यक है।

ऑनलाइन आयोजित कार्यक्रम में बिरसा कृषि विश्वविद्यालय, रांची के कुलपति, प्रसार शिक्षा निदेशक, झारखंड के सभी कृषि विज्ञान केंद्रों के वरीय वैज्ञानिक एवं प्रमुख, वैज्ञानिक और प्रगतिशील किसान शामिल हुए। कृषि विज्ञान केंद्र देवघर की ओर से लगभग 50 प्रगतिशील किसानों ने इसमें भाग लिया।

वहीं इस दौरान बिरसा कृषि विश्वविद्यालय के कुलपति ने किसानों को एल-नीनो के संभावित दुष्प्रभावों और इससे बचाव के वैज्ञानिक उपायों की विस्तार से जानकारी दी। वहीं प्रसार शिक्षा निदेशक ने आधुनिक कृषि तकनीकों के उपयोग से फसलों को सुरक्षित रखने और कम वर्षा की स्थिति में उत्पादन बनाए रखने के उपाय बताए। कार्यक्रम के दौरान प्रगतिशील किसानों ने भी अपने अनुभव साझा किए और कृषि संबंधी समस्याओं को रखा। विशेषज्ञ वैज्ञानिकों ने किसानों की जिज्ञासाओं का समाधान करते हुए व्यवहारिक सुझाव दिए।

कृषि विज्ञान केंद्र देवघर के वरीय वैज्ञानिक और प्रमुख डॉ राजन कुमार ओझा ने कम पानी में बेहतर उत्पादन देने वाले मोटे अनाजों रागी, सावां, कोदो, ज्वार, बाजरा और जौ की खेती को बढ़ावा देने पर बल दिया। उन्होंने वर्षा जल संचयन, खेतों में नमी संरक्षण और जल प्रबंधन की आधुनिक तकनीकों की भी जानकारी दी।

पशुपालन वैज्ञानिक डॉ पूनम सोरेन ने गर्मी और वर्षा ऋतु में पशुओं की उचित देखभाल, रोगों से बचाव एवं समय पर उपचार संबंधी महत्वपूर्ण सुझाव किसानों को दिए।

कार्यक्रम में कृषि विज्ञान केंद्र देवघर के वरीय वैज्ञानिक और प्रमुख डॉ राजन कुमार ओझा, पशुपालन वैज्ञानिक डॉ पूनम सोरेन, रोहित कुमार दास, चंदन कुमार रामानी और सहदेव मंडल सहित अन्य अधिकारी एवं किसान उपस्थित थेे।

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हिन्दुस्थान समाचार / Anup Kumar Roy

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