गांधी घाट के विकास और दामोदर पुल पर सुरक्षा व्यवस्था की उठी मांग
रामगढ़, 21 जुलाई (हि.स.)। रामगढ़ के दामोदर नदी तट स्थित महात्मा गांधी की सांकेतिक समाधि (राजघाट) और मुक्तिधाम के समग्र विकास को लेकर मंगलवार को मुक्ति धाम संस्था के कोषाध्यक्ष सह समाजसेवी कमल बगड़िया ने महत्वपूर्ण पहल करते हुए डीसी को विस्तृत मांगपत्र सौंपा। मांगपत्र में इस ऐतिहासिक केंद्र को पर्यटन, श्रद्धा और जनसुविधा के अनुरूप विकसित करने के साथ-साथ दामोदर पुल पर सुरक्षा व्यवस्था मजबूत करने की मांग की गई है।
मांगपत्र में कहा गया है कि गांधी घाट केवल एक सामान्य स्थल नहीं, बल्कि राष्ट्रपिता महात्मा गांधी की स्मृतियों से जुड़ा ऐतिहासिक स्थान है। वहीं, मुक्तिधाम होने के कारण प्रतिदिन बड़ी संख्या में लोग यहां अंतिम संस्कार और श्रद्धांजलि देने पहुंचते हैं। इसके अलावा छठ महापर्व के दौरान हजारों श्रद्धालु दामोदर नदी में भगवान सूर्य को अर्घ्य अर्पित करते हैं। बावजूद इसके यहां आधारभूत सुविधाओं और समुचित विकास का अभाव है। थाना चौक से दामोदर नदी जाने वाले मार्ग पर 'गांधी घाट मुक्तिधाम' नाम से भव्य प्रवेश द्वार बनाने का आग्रह किया है, ताकि बाहर से आने वाले लोगों को स्थल की स्पष्ट पहचान मिल सके और शहर की सुंदरता भी बढ़े। साथ ही थाना चौक से गांधी घाट तक सड़क किनारे आकर्षक कॉरिडोर, हरित पट्टी और आधुनिक फैंसी लाइट लगाने की भी मांग की गई है, जिससे यह क्षेत्र पर्यटन और मॉर्निंग-ईवनिंग वॉक के लिए भी आकर्षण का केंद्र बन सके।
इसके अतिरिक्त गांधी घाट के ऐतिहासिक महत्व को संरक्षित करने के लिए एक आकर्षक शिलालेख स्थापित करने का भी आग्रह किया गया है, जिस पर महात्मा गांधी की अस्थियों से जुड़े इतिहास तथा इस स्थल की ऐतिहासिक पृष्ठभूमि का उल्लेख हो। इससे आने वाली पीढ़ियां भी इस विरासत से परिचित हो सकेंगी। मांगपत्र के माध्यम से डीसी से अनुरोध किया गया है कि जनहित, धार्मिक आस्था, पर्यटन विकास और सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए इन सभी प्रस्तावों पर गंभीरतापूर्वक विचार कर आवश्यक कार्रवाई सुनिश्चित की जाए।
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हिन्दुस्थान समाचार / अमितेश प्रकाश

