निजी स्कूलों की मनमानी काे लेकर जेएलकेएम ने की जिला स्तरीय जांच कमेटी बनाने की मांग

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निजी स्कूलों की मनमानी काे लेकर जेएलकेएम ने की जिला स्तरीय जांच कमेटी बनाने की मांग


रामगढ़, 26 मार्च (हि.स.)। जिले में निजी स्कूलों की ओर से ली जा रही मनमानी फीस के खिलाफ आवाज तेज हो गई है। इसे लेकर गुरुवार को झारखंड लोकतांत्रिक क्रांतिकारी मोर्चा

(जेएलकेएम) के कार्यकर्ताओं ने डीसी को ज्ञापन सौंपकर निजी स्कूलों की फीस पर नियंत्रण लगाने की मांग की। संगठन ने कहा कि जिस तरह राजधानी रांची में जिला प्रशासन ने निजी स्कूलों की फीस वृद्धि पर रोक लगाने के लिए सख्त नियम लागू किए हैं, उसी तर्ज पर रामगढ़ में भी व्यवस्था लागू की जाए। केंद्रीय महासचिव संतोष चौधरी ने कहा कि झारखंड शिक्षा न्यायाधिकरण (संशोधन) अधिनियम 2017 के तहत रांची में जिला स्तरीय जांच और निर्णय कमेटी का गठन किया गया है, जिससे अभिभावकों को काफी राहत मिली है। उन्होंने कहा कि लंबे समय से निजी स्कूल अपनी मर्जी से फीस बढ़ा रहे हैं। इससे आम अभिभावक आर्थिक दबाव में आ गए हैं। अब जरूरत है कि रामगढ़ में भी उसी प्रकार की कमेटी बनाकर फीस वृद्धि पर नियंत्रण किया जाए।

ज्ञापन में बताया गया कि रांची मॉडल के अनुसार गठित कमेटी को यह अधिकार होगा कि कोई भी स्कूल तय नियमों से अधिक फीस नहीं ले सके। यदि कोई स्कूल मनमानी करता है तो कमेटी जांच कर निर्णय लेगी। कमेटी जरूरत पड़ने पर गवाह बुला सकेगी, दस्तावेज मांग सकेगी और पूरे मामले की जांच कर सकेगी। प्रस्तावित कमेटी में जिला शिक्षा पदाधिकारी, जिला शिक्षा अधीक्षक, जिला परिवहन पदाधिकारी, एक चार्टर्ड अकाउंटेंट, दो निजी स्कूलों के प्राचार्य, दो अभिभावक प्रतिनिधि, जिले के सांसद और विधायक को शामिल करने की मांग की गई है, ताकि फैसले में पारदर्शिता बनी रहे।

ज्ञापन में यह भी कहा गया कि सभी निजी स्कूलों को कुछ अनिवार्य नियमों का पालन करना होगा। फीस तय करने के लिए स्कूल स्तर पर कमेटी बनानी होगी। अभिभावक-शिक्षक संघ बनाना अनिवार्य होगा, कमेटी की जानकारी नोटिस बोर्ड और वेबसाइट पर डालनी होगी। स्कूल परिसर में किताब, यूनिफॉर्म या जूते की बिक्री नहीं होगी। किसी खास दुकान से सामान खरीदने के लिए दबाव नहीं बनाया जाएगा। स्कूल भवन का उपयोग केवल शैक्षणिक कार्यों के लिए होगा।

संगठन ने कहा कि नियमों का उल्लंघन करने वाले स्कूलों पर 50 हजार से 2.5 लाख रुपये तक जुर्माना लगाया जाना चाहिए और गंभीर मामले में स्कूल की मान्यता भी रद्द की जा सकती है। उन्होंने यह भी कहा कि आजकल सत्र शुल्क (सेशन फीस) के नाम पर भी अतिरिक्त पैसा लिया जा रहा है, इससे अभिभावक परेशान हैं।

प्रदेश मीडिया प्रभारी रमेश कुमार महतो ने कहा कि रांची, गढ़वा सहित अन्य जिलों में प्रशासन ने निजी स्कूलों की फीस पर नियंत्रण के लिए सख्त कदम उठाए हैं, इसलिए रामगढ़ में भी जल्द कार्रवाई होनी चाहिए ताकि अभिभावकों को राहत मिल सके।

इस दौरान केंद्रीय महासचिव संतोष चौधरी, प्रदेश मीडिया प्रभारी रमेश कुमार महतो, जिला सचिव बाल किशुन कुमार उर्फ विशाल महतो, गोला प्रखंड अध्यक्ष अशोक कुमार चक्रपाणि सहित दर्जनों कार्यकर्ता मौजूद थे।

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हिन्दुस्थान समाचार / अमितेश प्रकाश

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