उपायुक्त ने बाजार समिति के एजीएम के खिलाफ कार्रवाई का दिया निर्देश
देवघर, 03 अक्टूबर (हि.स.)। समाहरणालय सभागार में उपायुक्त सौरभ कुमार भुवानिया की अध्यक्षता में शनिवार को खाद्य, सार्वजनिक वितरण एवं उपभोक्ता मामले विभाग के कार्यों की विस्तृत समीक्षा बैठक हुई। बैठक में जिले के सभी प्रखंड आपूर्ति पदाधिकारी, गोदाम प्रबंधक एवं संबंधित विभाग के वरीय अधिकारी शामिल हुए।
बैठक में उपायुक्त ने जनवितरण प्रणाली को सुदृढ़ करने, राशन कार्डधारियों को समय पर खाद्यान्न उपलब्ध कराने और सुदूरवर्ती क्षेत्रों में सरकारी योजनाओं का लाभ पहुंचाने को लेकर आवश्यक निर्देश दिए। आपूर्ति विभाग के कार्यों की निगरानी के लिए उप विकास आयुक्त को मधुपुर अनुमंडल एवं नगर आयुक्त को देवघर अनुमंडल का वरीय पदाधिकारी बनाया गया।
समीक्षा के दौरान कार्य में कोताही बरतने वाले बाजार समिति के एजीएम के खिलाफ कार्रवाई का निर्देश भी दिया गया। उपायुक्त ने स्पष्ट कहा कि कर्तव्यों के निर्वहन में लापरवाही किसी भी स्थिति में बर्दाश्त नहीं की जाएगी। लापरवाही पाए जाने पर वेतन रोकने के साथ अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाएगी।
उपायुक्त ने सभी प्रखंड आपूर्ति पदाधिकारियों को अपने-अपने क्षेत्र में सक्रिय रहकर जमीनी स्तर पर कार्य करने का निर्देश दिया। उन्होंने कहा कि अधिकारी कार्यालय तक सीमित न रहें, बल्कि क्षेत्र में जाकर योजनाओं की वास्तविक स्थिति की जानकारी लें और आम लोगों की समस्याओं का मौके पर समाधान सुनिश्चित करें।
पीडीएस व्यवस्था में पारदर्शिता लाने के लिए जिले की सभी जनवितरण प्रणाली दुकानों के औचक निरीक्षण के लिए विशेष जांच दल गठित करने का निर्देश दिया गया। साथ ही कहा गया
कि जांच दल प्रत्येक प्रखंड में जाकर दुकानों पर खाद्यान्न की उपलब्धता, वितरण व्यवस्था और स्टॉक की गहन जांच करेगा औ राशन वितरण में गड़बड़ी मिलने पर संबंधित डीलर और दोषी कर्मियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
उपायुक्त ने मुख्य खाद्यान्न गोदामों से अनाज के उठाव की स्थिति की समीक्षा करते हुए निर्देश दिया कि गोदाम से पीडीएस दुकान तक खाद्यान्न पहुंचने की पूरी प्रक्रिया पारदर्शी हो। डोर स्टेप डिलीवरी व्यवस्था को दुरुस्त करते हुए यह सुनिश्चित करने को कहा गया कि अनाज समय पर जनवितरण प्रणाली की दुकानों तक पहुंचे, ताकि लाभुकों को समय पर राशन मिल सके।
बैठक में उपायुक्त ने अधिकारियों को संवेदनशीलता के साथ कार्य करने का निर्देश देते हुए कहा कि लोक-कल्याणकारी योजनाओं का लाभ समाज के अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाना जिला प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकता है। उन्होंने स्पष्ट किया कि आम जनता को राशन के लिए परेशान करने वाले डीलरों का लाइसेंस रद्द किया जाएगा और कार्य में शिथिलता बरतने वाले अधिकारियों के खिलाफ विभागीय कार्रवाई की जाएगी।
बैठक में नगर आयुक्त सुलोचना मीना, जिला आपूर्ति पदाधिकारी प्रीतिलता किस्कू, सहायक जनसंपर्क पदाधिकारी रोहित कुमार विद्यार्थी, सभी बीएसओ, एमओ, डीलर एवं संबंधित विभाग के प्रखंड स्तरीय अधिकारी व कर्मी
उपस्थित थे।
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हिन्दुस्थान समाचार / Anup Kumar Roy

