रांची में जनगणना कार्य की धीमी गति पर उपायुक्त सख्त, तीन बीडीओ को शोकॉज नोटिस और वेतन रोकने के निर्देश
रांची, 22 अप्रैल (हि.स.)। रांची जिला प्रशासन ने जनगणना कार्य में लापरवाही बरतने वाले अधिकारियों पर सख्ती दिखानी शुरू कर दी है। बुधवार को समाहरणालय स्थित सभागार में उपायुक्त-सह-प्रधान जिला जनगणना पदाधिकारी मंजूनाथ भजन्त्री की अध्यक्षता में आयोजित समीक्षा बैठक में मकान सूचीकरण एवं गणना कार्य की प्रगति का जायजा लिया गया।
बैठक के दौरान कई प्रखंडों में कार्य की धीमी रफ्तार पर उपायुक्त ने कड़ी नाराजगी जताई। उन्होंने स्पष्ट कहा कि जनगणना जैसे राष्ट्रीय महत्व के कार्य में किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। इस दौरान अनगड़ा, सोनाहातू और सिल्ली प्रखंडों में कार्य की सुस्ती को गंभीरता से लेते हुए संबंधित प्रखंड विकास पदाधिकारियों के खिलाफ शोकॉज नोटिस जारी करने और उनके वेतन पर रोक लगाने के निर्देश दिए गए।
उपायुक्त ने सभी प्रखंड विकास पदाधिकारियों को निर्देश दिया कि वे अपने-अपने क्षेत्रों में मकान सूचीकरण और गणना कार्य को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए निर्धारित समयसीमा के भीतर पूरा करें। उन्होंने पोर्टल पर डेटा एंट्री की नियमित और सतर्क निगरानी सुनिश्चित करने पर भी जोर दिया, ताकि आंकड़ों में किसी प्रकार की त्रुटि न रहे और पूरी प्रक्रिया शत-प्रतिशत सटीक हो।
उन्होंने कहा कि जनगणना केवल प्रशासनिक प्रक्रिया नहीं है, बल्कि यह विकास योजनाओं की आधारशिला है। इसलिए सभी संबंधित अधिकारी इस कार्य को पूरी जिम्मेदारी, गंभीरता और समन्वय के साथ समयबद्ध तरीके से पूरा करें।
बैठक में प्रभारी उपविकास आयुक्त सह पीडी आईटीडीए संजय भगत, अनुमंडल पदाधिकारी (सदर) कुमार रजत, अपर समाहर्ता रामनारायण सिंह, निदेशक डीआरडीए सुदर्शन मुर्मू, जिला सांख्यिकी पदाधिकारी शेषनाथ बैठा, जिला जनसंपर्क पदाधिकारी उर्वशी पाण्डेय, जिला सूचना पदाधिकारी राजीव कुमार सहित अन्य अधिकारी और कर्मी उपस्थित थे।-----------
हिन्दुस्थान समाचार / विकाश कुमार पांडे

